VP Jagdeep Dhankhar: उपराष्ट्रपति बोले- देश के पूर्वी हिस्से में जो है, वह पूरी दुनिया में कहीं भी नहीं है
उपराष्ट्रपति ने कहा, पूर्वोत्तर की एक अनोखी संस्कृति है। यहां की सांस्कृतिक विरासत बहुत पुरानी है। यहां की संस्कृति समृद्ध है। यहां पार्क और सेंचुरीज हैं। यहां के धार्मिक स्थल और एतिहासिक पृष्ठभूमि अपने आप में अनुपम है...
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उपराष्ट्रपति जगदीश धनखड़ ने कहा है कि हमारे देश के पूर्वोत्तर में जो है, उस जैसा दुनिया के किसी भी कोने में नहीं है। जिस तरह यहां की समृद्ध संस्कृति, एतिहासिक पृष्ठभूमि, एतिहासिक धार्मिक स्थल, यहां राष्ट्रीय पार्क हैं, सेंचुरी हैं, मैं बिना किसी डर और निर्विवाद कह सकता हूं कि देश के इस हिस्से में जो कुछ है, वह दुनिया के किसी कोन में नहीं है। वे आज डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उपराष्ट्रपति ने कहा, पूर्वोत्तर की एक अनोखी संस्कृति है। यहां की सांस्कृतिक विरासत बहुत पुरानी है। यहां की संस्कृति समृद्ध है। यहां पार्क और सेंचुरीज हैं। यहां के धार्मिक स्थल और एतिहासिक पृष्ठभूमि अपने आप में अनुपम है। उन्होंने कहा, यह बड़े गर्व की बात है कि हम कामरूप के राजा पृथु जलपेशर के वीर शौर्य को याद करते हैं, जिन्होंने नालंदा विश्वविद्यालय के विध्वंसक बख्तियार खिलजी को हराया था। हम प्रसिद्ध अहोम योद्धा लचित बोरफुकन को भी सम्मान के साथ याद करते हैं, जिन्होंने सरायघाट की प्रसिद्ध लड़ाई में मुगल सेनाओं को हराया था।
इससे पहले उपराष्ट्रपति धनखड़ ने आज डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में असम की प्रतिष्ठित हस्तियों को डिग्रियां (मानद उपाधि) और छात्रों को डिग्रियां प्रदान की। इससे पहले वे असम की यात्रा पर डिब्रूगढ़ हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां असम के मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने उपराष्ट्रपति, जगदीप धनखड़ का स्वागत किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति ने ने डिब्रूगढ़, आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मणिपुर की यात्रा पर जाएंगे।