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V-P Dhankhar: 'जो लोग सोचते थे कि कानून से परे हैं, अब कानून उनके पीछे है'; उपराष्ट्रपति धनखड़ ने दी नसीहत
Fri, 29 Mar 2024 11:08 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Fri, 29 Mar 2024 11:08 PM IST
सार
जगदीप धनखड़ ने कहा, 'कुछ लोगों ने सोचा कि हम कानून से ऊपर हैं और उन्होंने ध्वस्त कर दिया। जो लोग सोचते थे कि कानून से परे हैं, अब कानून उनके पीछे है।'
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जगदीप धनखड़।
- फोटो : एक्स/भारत के उपराष्ट्रपति
विस्तार
अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में राजधानी दिल्ली में होने वाली विपक्ष की महारैली से पहले उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि जो लोग सोचते थे कि वे व्यवस्था से परे हैं। उन्हें अब जवाबदेह ठहराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कानून लागू होने पर कुछ लोग सड़कों पर उतर आते हैं।
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इस दौरान जगदीप धनखड़ ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि कानून का उल्लंघन करने वाला कोई व्यक्ति कैसे पीड़ित का कार्ड खेलता है। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा, 'कुछ लोगों ने सोचा कि हम कानून से ऊपर हैं और उन्होंने ध्वस्त कर दिया। जो लोग सोचते थे कि कानून से परे हैं, अब कानून उनके पीछे है। बावजूद इसके जैसे ही कानून अपना काम करता है, वे सड़कों पर उतर आते हैं, ऊंची आवाज में बहस करते हैं।' उन्होंने कहा कि जब कानून लागू हो गया है तो व्यक्तियों या संस्थानों और संगठनों के सड़कों पर उतरने का क्या औचित्य है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सबके बीच भारतीय न्यायपालिका ने अपनी स्थिति और स्वतंत्रता की पुष्टि की है। भारतीय न्यायपालिका ने दिखाया है कि उसकी रीढ़ की हड्डी की ताकत अभी भी बरकरार है।
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सीजेआई को लिखे पत्र के मामले में दी प्रतिक्रिया
इस दौरान उपराष्ट्रपति धनखड़ ने न्यायपालिका के संबंध में 'राष्ट्र-विरोधी' कथन को बेअसर करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति या समूह द्वारा इससे समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों की तलाश करने की जरूरत है। ऐसे लोग निश्चित रूप से इस राष्ट्र के अनुकूल नहीं हैं। धनखड़ ने कहा कि भारत एक मजबूत न्यायिक प्रणाली वाला एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है जिससे कोई भी व्यक्ति या समूह समझौता नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका किसी विशेष मुद्दे पर अपना दृष्टिकोण रख सकती है जो सरकार को पसंद नहीं आएगा और ऐसा कई मौकों पर हुआ है। यह उनका काम है।
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अमेरिका और जर्मनी को भी दी हिदायत
आगे बोलते हुए उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर जर्मनी और अमेरिका की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यूरोप का एक देश जो एक विकसित लोकतंत्र है, उन्हें अंदर से सोचने की जरूरत है। उन्हें अपने मामलों पर ध्यान देने की जरूरत है। भारत मजबूत न्यायिक प्रणालियों वाला एक लोकतांत्रिक राष्ट्र है।
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। वह 1 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में हैं।