Politics: राहुल के अमेरिका में दिए बयानों पर भड़के उपराष्ट्रपति धनखड़, बोले- उन्हें संविधान की जानकारी नहीं
धनखड़ ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि अगर हम सच्चे भारतीय हैं तो हम कभी भी देश के दुश्मनों का साथ नहीं देंगे। उनको देश के संविधान की कोई जानकारी नहीं है।
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अमेरिका में दिए गए बयान को लेकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का देश के दुश्मनों में शामिल होना अधिक निंदनीय और असहनीय है। वह इस बात से दुखी और परेशान हैं कि पद पर बैठे कुछ लोगों को राष्ट्रीय हित के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
राज्यसभा इंटर्नशिप कार्यक्रम के तीसरे बैच के प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए धनखड़ ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि अगर हम सच्चे भारतीय हैं तो हम कभी भी देश के दुश्मनों का साथ नहीं देंगे। उनको देश के संविधान की कोई जानकारी नहीं है। हमारे राष्ट्रीय हित के बारे में कोई जानकारी नहीं है। धनखड़ ने कहा कि मुझे यकीन है कि आप जो देख रहे हैं उसे देखकर आपका खून खौल रहा होगा।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि आजादी के लिए लोगों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। माताओं ने अपने बेटे खोए हैं। पत्नियों ने अपने पति खोए हैं। हम अपने राष्ट्रवाद का उपहास नहीं उड़ा सकते। देश के बाहर हर भारतीय को राष्ट्र का राजदूत बनना होगा। कितना दुखद है कि जो व्यक्ति एक संवैधानिक पद पर है, वह इसका ठीक उल्टा कर रहा है। इससे अधिक निंदनीय, घृणित और असहनीय कुछ नहीं हो सकता कि आप देश के दुश्मनों का हिस्सा बन जाएं।
धनखड़ ने कहा कि ऐसे लोग आजादी का मूल्य नहीं समझते। वे नहीं समझते कि देश में पांच हजार साल पुरानी सभ्यता है। संविधान पवित्र है और इसे संस्थापकों ने तीन वर्षों की कड़ी मेहनत से तैयार किया था। संविधान सभा के सदस्यों की बैठक बिना किसी व्यवधान, व्यवधान, नारेबाजी और किसी पोस्टरबाजी होती थी। अब कुछ लोग देश को बांटना चाहते हैं। यह घोर अज्ञानता है।
वॉशिंगटन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि अगर सरकार हमारे क्षेत्र के 4,000 वर्ग किलोमीटर में चीनी सैनिकों को रखने को किसी चीज से अच्छी तरह से निपटना कहते हैं, तो हो सकता है कि हमने लद्दाख में दिल्ली के आकार की भूमि पर चीनी सैनिकों का कब्जा कर रखा हो। मुझे लगता है कि यह एक आपदा है। अगर कोई पड़ोसी आपके क्षेत्र के 4000 वर्ग किलोमीटर पर कब्जा कर ले तो अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया होगी? क्या कोई राष्ट्रपति यह कहकर बच निकल पाएगा कि उसने इसे अच्छी तरह से संभाला है? इसलिए मुझे नहीं लगता कि पीएम मोदी ने चीन को बिल्कुल भी अच्छी तरह से संभाला है। मुझे लगता है कि चीनी सैनिकों के हमारे क्षेत्र में बैठने का कोई कारण नहीं है।
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