फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Vice President Dhankha Said Best way to conquer a territory is overtake its culture destroy its language

Jagdeep Dhankhar: 'हमलावरों ने संस्कृति और भाषा को खत्म कर भारत को अपमानित किया', उपराष्ट्रपति धनखड़ का बयान

Fri, 21 Feb 2025 12:06 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 21 Feb 2025 12:06 AM IST
सार

धनखड़ ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति और भाषाओं का संरक्षण करना हमारा परम कर्तव्य है। यह हमारे संस्थापकों का संवैधानिक आदेश भी है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी संस्कृति का विकास सुनिश्चित करना केवल उन्हीं लोगों की मेहनत से संभव है।

विज्ञापन
Vice President Dhankha Said Best way to conquer a territory is overtake its culture destroy its language
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को अतित में हमलावरों द्वारा भारत की संस्कृति पर चोट करने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र पर विजय प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका उसकी संस्कृति पर कब्जा करना और उसकी भाषा को नष्ट करना होता है। उन्होंने दुख जताया कि कई शताब्दियों पहले भारत में घुसने वाले हमलावरों ने हमारे पूजा स्थलों पर अपने पूजा स्थल बनाकर ठीक यही किया था।

विज्ञापन

धनखड़ ने इस दौरान यह भी कहा कि इन हमलावरों ने हमारी भाषा, संस्कृति और धार्मिक स्थलों पर अत्याचार किए थे। उन्होंने इसे बहुत क्रूर और अत्याचारी बताया। साथ ही कहा कि उन आक्रमणकारियों की बर्बरता और प्रतिशोध की पराकाष्ठा थी।

विज्ञापन

देश की पहचान उसकी संस्कृति
बता दें कि यह बयान उन्होंने 98वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान दिया। उपराष्ट्रपति ने इस मौके पर यह भी कहा कि किसी देश की पहचान उसकी सांस्कृतिक धरोहर और सांस्कृतिक मूल्यों से होती है, और इस मामले में भारत अनूठा है। उनका कहना था कि दुनिया का कोई भी देश हमारी संस्कृति की बराबरी नहीं कर सकता।

विज्ञापन
विज्ञापन

'भाषा का संरक्षण हमामार कर्तव्य'
धनखड़ ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति और भाषाओं का संरक्षण करना हमारा परम कर्तव्य है। यह हमारे संस्थापकों का संवैधानिक आदेश भी है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारी संस्कृति का विकास सुनिश्चित करना केवल उन्हीं लोगों की मेहनत से संभव है, जो साहित्य और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने का काम कर रहे हैं।

साथ ही उपराष्ट्रपति ने आक्रमणों के बारे में और विस्तार से बात करते हुए कहा कि हमलावरों ने भारत की संस्कृति और भाषा को नष्ट करने की कोशिश की थी, ताकि भारतीय पहचान मिट सके। उन्होंने उदाहरण के तौर पर बताया कि जब हमलावर हमारे धार्मिक स्थलों पर आक्रमण करते थे, तो वे वहां अपने पूजा स्थल बना लेते थे। उन्होंने कहा कि इससे हमारी धार्मिक पहचान को चोट पहुंचाई गई। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अगर हमारी भाषा और संस्कृति जीवित नहीं रहेगी, तो हमारा इतिहास भी जीवित नहीं रह पाएगा। इस कार्यक्रम में एनसीपी के वरिष्ठ नेता शरद पवार और उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed