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Kerala: राज्यपाल के अंतिम आदेश तक पद पर बने रह सकते हैं आठ विश्वविद्यालयों के कुलपति, मांगा गया था इस्तीफा

Mon, 24 Oct 2022 09:28 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 24 Oct 2022 09:28 PM IST
सार

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के नौ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस्तीफा देने के निर्देश के बाद विवाद बढ़ता ही जा रहा है। राज्यपाल के आदेश को चुनौती देने के लिए सभी कुलपतियों ने हाईकार्ट का रुख किया था।
 

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Vice Chancellors of 9 Universities of Kerala approached the High Court challenging Governor Arif Mohammad khan
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान - फोटो : PTI

विस्तार

केरल के नौ विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने इस्तीफा देने के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के आदेश को चुनौती देते हुए केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सभी कुलपतियों ने इस्तीफे पर रोक लगाने की मांग की थी। केरल उच्च न्यायालय ने याचिकाओं पर विचार करने के लिए आज शाम 4 बजे विशेष बैठक की। इसके बाद केरल हाईकोर्ट ने कहा कि जब तक कुलाधिपति कारण बताओ नोटिस के बाद अंतिम आदेश जारी नहीं करते, विभिन्न विश्वविद्यालयों के सभी आठ वीसी अपने पद पर बने रह सकते हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता कानून के पूर्ण अनुपालन में तब तक अपने पद पर बने रहेंगे, जब तक कि चांसलर अंतिम आदेश जारी नहीं करते।

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बता दें कि केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों के विपरीत सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के मद्देनजर राज्य के नौ विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर से सोमवार सुबह तक इस्तीफा देने को कहा है। वहीं इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं।
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राज्यपाल का आदेश कानूनी तौर पर टिकेगा नहीं: सीताराम येचुरी
केरल के राज्यपाल द्वारा 9 विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को सोमवार तक इस्तीफा देने के निर्देश पर CPI-M नेता सीताराम येचुरी ने कहा है कि उनके पास इसका कोई अधिकार नहीं है और न ही संविधान उन्हें ऐसा करने का अधिकार देता है। उन्होंने जो फरमान जारी किया है..हम समझते हैं कि ये कानूनी तौर पर टिकेगी नहीं। उन्होंने कहा कि इसके पीछे उनका उद्देश्य स्पष्ट है कि केरल की उच्च शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा करना है और सभी जगहों पर RSS के कार्यकर्ताओं को नियुक्त करना ताकि शिक्षा व्यवस्था बिगड़े और उनकी सांप्रदायिक ध्रुवीकरण एजेंडा आगे चले।
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राज्यपाल पर भड़कीं केरल की उच्च शिक्षा मंत्री
केरल के उच्च शिक्षा मंत्री आर बिंदू ने राज्यपाल के इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि क्या इतिहास में देश के किसी राज्यपाल ने इस तरह से किए हैं? इसे सरकारी गतिविधियों में हस्तक्षेप करने के प्रयास के रूप में देखा जा सकता है। हमारे विश्वविद्यालय असाधारण उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं लेकिन राज्यपाल के इस कदम की वजह से छवि खराब हो रही है।

इन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस्तीफा देने के लिए कहा गया
जिन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस्तीफा देने के लिए कहा गया उनमें केरल विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, कोचीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कन्नूर विश्वविद्यालय, एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, कालीकट विश्वविद्यालय और थुंचथ एज़ुथाचन मलयालम विश्वविद्यालय समेत कुल नौ विश्वविद्यालय शामिल हैं।

कुलपतियों को जारी किया नोटिस, 3 नवंबर तक जवाब देने को कहा
राज्यपाल आरिफ खान ने संबंधित कुलपतियों को तीन नवंबर या उससे पहले शाम पांच बजे तक कारण बताने के लिए नोटिस जारी किया है। कुलपति के रूप में पद पर बने रहने का उनका कानूनी अधिकार रहेगा और उनकी नियुक्ति को शुरू से ही अवैध घोषित नहीं किया गया। 

खान ने कहा, मैंने (कन्नूर) कुलपति को अपराधी कहा। उस व्यक्ति के लिए मुझे और कौन से शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए जो मुझ पर हमले के लिए मुझे कन्नूर बुलाता है? मैं सुरक्षा विशेषज्ञ नहीं हूं, इसलिए रिपोर्ट नहीं दे सकता।राज्यपाल ने आगे कहा, आप मुझे बुलाते हैं, आप स्वीकृत कार्यक्रम का उल्लंघन करते हैं, और आप हर दिशानिर्देश का उल्लंघन करते हैं। एक साजिशकर्ता ही ऐसा कर सकता है। इसे और कौन कर सकता है। 


चार टेलीविजन चैनलों पर रोक
इस बीच केरल के राज्यपाल कार्यालय ने सोमवार को चार टेलीविजन चैनलों को उनके प्रेस कॉन्फ्रेंस को कवर करने के लिए यहां राजभवन में प्रवेश करने से रोक दिया। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की प्रेस मीट के तुरंत बाद पत्रकारों ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से उनकी प्रतिक्रिया के लिए संपर्क किया, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि वह पत्रकारों की भेष में पार्टी कार्यकर्ताओं को जवाब नहीं देंगे।

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