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VHP: मंदिर में जातीय आधार पर हिंदुओं को रोकने का विहिप करेगी विरोध, बोले महामंत्री देशपांडे

Mon, 16 Jan 2023 10:30 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 16 Jan 2023 10:30 PM IST
सार

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री विनायक राव देशपांडे ने कहा कि हिंदुओं को अपने जातीय भेदभाव को खत्म करना होगा। सारे हिन्दू एक ही मां-बाप की संतान है।

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VHP to oppose banning of Hindus on caste basis in the temple
विश्व हिंदू परिषद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विश्व हिंदू परिषद दिल्ली प्रांत के अंबेडकर जिला द्वारा मकर सक्रांति के अवसर पर सामाजिक समरसता कार्यक्रम का अयोजन किया गया। इस मौके पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री विनायक राव देशपांडे ने कहा कि हिंदुओं को अपने जातीय भेदभाव को खत्म करना होगा। सारे हिन्दू एक ही मां-बाप की संतान है। विश्व हिंदू परिषद देश में सामाजिक समरसता के लिए पिछले 58 सालों से कार्य कर रही है। इसको लेकर विहिप द्वारा देश भर में 7000 से अधिक सेवा कार्यों का संचालन किया जा रहा हैं। यह सेवा कार्य 80 फीसदी से अधिक अनुसूचित जाति के लोगों को समर्पित हैं। 

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उन्होंने कहा, देश के किसी भी मंदिर में जातीय आधार पर अगर कोई हिंदू को रोकता है तो विहिप उसका विरोध करती है। जातीय भेदभाव से लोगों को जागरूक करने के लिए विहिप देश भर में जागरूकता अभियान चला रही है। प्राचीन काल में भारत में जातीय भेदभाव नहीं था। इस बात को डॉ.अंबेडकर ने अपनी कई किताबों में लिखा है। इसके साथ ही विनायक राव देशपांडे ने कई अहम खुलासे भी किए उन्होंने बताया की अंग्रेजो ने कास्ट नोटिफिकेशन बनाकर 429 जातियों को उसमें शामिल किया।
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उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में भारत में नारियों का बहुत सम्मान था। कई विद्वान नारियों के नाम हमको हमारे धर्म ग्रंथों में मिलते है। इस्लामिक शासकों ने जब 12वीं सदी में भारत पर आक्रमण किया तो उन्होंने लाखों की संख्या में हिंदुओ को मुसलमान बनाया था और जिन लोगों ने मुस्लिम धर्म स्वीकार नहीं किया उनको गुलाम बनाया और घर की साफ सफाई और उनसे मैला उठवाने का कर करवाया।   
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इस मौके पर साध्वी विभानंद गिरी (प्रज्ञा पीठाधीश्वर, आवाहन अखाडा) ने कहा कि हमारा युवा भारत की रीढ़ है। सामाजिक समरसता का मतलब है कि हम सब भारत माता की संतान है। भगवान ने बनाते समय दो ही प्राणियों की रचना की है नर और नारी। जिस प्रकार सूर्य अपना प्रकाश सभी को समान रूप से देता है वो किसी के साथ भेदभाव नही करता है। उसी प्रकार हमें भी सबको एक साथ लेकर चलना होगा। 


हम भगवान श्रीराम को अपना आदर्श मानते है उन्होंने अपने जीवन में सामाजिक समरसता का पालन किया। वन वास के दौरान वह वनवासियों के साथ रहें। वानरों से मित्रता की। हमें भी श्रीराम के रास्ते पर चलना होगा और सब हिंदुओ को जोड़कर चलना होगा। हमें मानवता के धर्म का पालना करना है अगर हम जातियों में बटे होंगे तो हम अपने विकास से बहुत दूर हो जाएंगे। हमारा हिंदू धर्म सबको साथ लेकर चलने के लिए प्रेरणा देता हैं। 



प्रशांत दास महाराज (श्री कबीर अध्यात्मिक निर्णय मंदिर, संचालक ) ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जाति तो जानवरों की होती है और हम लोगों ने अपने आप को जातियों में बांट रखा हैं। हम सब एक है हमें जातीय अलगाव से दूर रहना होगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमको अपनी शक्ति को बढ़ाना होगा और हमारी एकता ही हमारी शक्ति को बढ़ावा देंगी। इस कार्यक्रम में प्रांत सह मंत्री नंदकिशोर शर्मा एवं विभाग सह मंत्री बिजेंद्र तंवर सहित विभाग और जिले के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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