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कांग्रेस नेता शिवकुमार के कारण आयकर विभाग के रडार पर थे सीसीडी के संस्थापक सिद्धार्थ

Thu, 01 Aug 2019 09:11 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 01 Aug 2019 09:11 AM IST
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VG Siddhartha problems arises after Income tax raided DK Shivakumar as he had close ties with latter
वीजी सिद्धार्थ-डीके शिवकुमार (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

बंगलूरू के व्यवसायियों और राजनीतिक गलियारों के बीच यह चर्चा है कि कैफे कॉफी डे के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ की कुछ परेशानियों का कारण डीके शिवकुमार हैं। शिवकुमार कर्नाटक कांग्रेस के एक कद्दावर और ताकतवर नेता हैं। उन्हें सिद्धार्थ के ससुर और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा का संरक्षण मिला हुआ है। कृष्णा अब भाजपा में हैं। सिद्धार्थ के एक करीबी ने कहा, 'गौड़ा होने के अलावा उनके बीच एक मजबूत व्यक्तिगत बंधन है।'

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आयकर विभाग के अनुसार शिवकुमार के कई अनियमित वित्तीय सौदे हैं जिनकी जांच जारी है। सिद्धार्थ के कर्ज की समस्या भारत में किसी से छुपी हुई नहीं थी। शिवकुमार के साथ लेन-देन की वजह से सीसीडी के संस्थापक सिद्धार्थ आयकर विभाग के स्कैनर में आए और उनकी परेशानियां बढ़ी। विपक्षी गलियारों में इस बात की चर्चा है कि जांच का प्राथमिक लक्ष्य डीके शिवकुमार थे। वह कर्नाटक के अमीर राजनेताओं में से एक हैं जो भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं। 
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उन्होंने अहमद पटेल को दोबारा राज्यसभा भेजने के लिए 2017 में बंगलूरू के पास कांग्रेस के 44 सांसदों को एक रिसॉर्ट में ठहराया हुआ था। पिछले साल कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए जेडीएस-कांग्रेस का गठबंधन करने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। दस्तावेज बताते हैं कि सिद्धार्थ के खिलाफ जांच तब शुरू हुई जब शिवकुमार के आर्थिक सलाहकार एन चंद्रशेखर सुकापुरी की खोज की गई।
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गोवा-कर्नाटक के आयकर विभाग के प्रधान मुख्य आयुक्त बीआर बालाकृष्णन ने कहा, 'किसी एक की जांच से दूसरे की जांच होना सामान्य है। यह उसी तरह का एक मामला है।' बालाकृष्णन बुधवार को सेवानिवृत्त हो गए हैं। अपने सुसाइड नोट में सिद्धार्थ ने आयकर विभाग के महानिदेशक द्वारा शोषण की बात कही है। मुख्य आयुक्त बनने से पहले कृष्णन महानिदेशक थे और उन्होंने शोषण की बात सिरे से खारिज की है। 

शिवकुमार और सुकापुरी के यहां 2 अगस्त, 2017 को आयकर विभाग की छापेमारी हुई थी। जिसके बारे में विभाग के अधिकारियों का कहना था कि इसमें कांग्रेस नेता के करीबी के कैफे कॉफी डे और एम सोल स्पेस के साथ कथित आर्थिक लेन-देन मिला है। शिवकुमार के भाई और सांसद डीके सुरेश का दावा है कि आयकर विभाग सिद्धार्थ के माइंडट्री वाले शेयरों को अटैच करना चाहता था लेकिन जांच के शुरुआती स्तर पर होने की वजह से ऐसा नहीं हो पाया।


बता दें कि सिद्धार्थ एक समय माइंडट्री के सबसे बड़े शेयरहोल्डर थे लेकिन इस साल मार्च में उन्होंने अपने 20.41 फीसदी हिस्सेदारी एलएंडटी को बेच दी। इससे उन्हें 2858 करोड़ का फायदा हुआ और उन्होंने 2900 करोड़ का कर्ज चुकाया।

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