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कोरोना संकट के बीच भाजपा-शिवसेना में जारी है जुबानी जंग
Tue, 31 Mar 2020 09:49 PM IST
अनवर अंसारी
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 31 Mar 2020 09:49 PM IST
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devendra fadnavis, uddhav thackeray
महाराष्ट्र में भाजपा और शिवसेना की राजनीतिक राह अलग हुए 6 महीने हो चुके हैं लेकिन दोनो दल के नेताओं के बीच शब्दबाण थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना वायरस के संकट की इस घड़ी में भी भाजपा और शिवसेना नेताओं के बीच जुबानी जंग जारी है। अब भाजपा के विधायकों और सांसदों का मानधन पार्टी के आपदा कोष में जमा कराने के फैसले की आलोचना करने वाली शिवसेना को विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने आईना दिखाया है।
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फडणवीस ने कहा कि कुछ लोग अब भी बिना कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी कर रहे हैं। उन्हें अभी तक यह समझ नहीं आ रहा है कि उनकी लड़ाई भाजपा से या फिर कोरोना वायरस से है। फडणवीस ने इशारों में शिवसेना के सांसद संजय राउत पर निशाना साधा।
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मंगलवार को एक कार्यक्रम में फडणवीस ने शिवसेना को आईना दिखाते हुए कहा कि शिवसेना जब भाजपा के साथ सरकार में थी तब शिवसेना के सभी विधायकों और सांसदों ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सहायता निधि की बजाय अपना वेतन शिवसेना के राहत कोष में जमा किया था।
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भाजपा सरकार ने जलयुक्त शिवार योजना शुरू की थी। उस समय शिवसेना ने पार्टी स्तर पर शिवजलक्रांति योजना शुरू किया था। तब शिवसेना ने अलग से निधि जुटाई थी। पर, हमने शिवसेना का विरोध नहीं किया था। फडणवीस ने कहा कि भाजपा ने कोरोना आपदा कोष तैयार किया है।
पार्टी ने 52 लाख जरूरतमंदों तक मदद पहुंचने का लक्ष्य रखा है। इस काम के लिए पार्टी को संसाधन की भी जरूरत पड़ेगी। इसलिए पार्टी के विधायकों और सांसदों के एक महीने के वेतन को भाजपा राहत कोष में जमा कराने का फैसला किया गया है।
तिजोरी न देखे साहसिक फैसला ले सरकार
देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए राज्य सरकार तिजोरी की ओर न देखे। सरकार को और साहसिक फैसला लेना चाहिए। सरकार की आर्थिक स्थिति बाद में बेहतर हो सकती है। राज्य में केवल कोरोना वायरस को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय करने से काम नहीं चलेगा। राज्य सरकार को लोगों की मदद भी करनी होगी।
फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार के पास इमारत निर्माण के मजदूरों के लिए चुंगी के तौर पर जुटाया लगभग साढ़े चार करोड़ रुपए का फंड है। सरकार को इस धनराशि से मजदूरों की सहायता करनी चाहिए। अगर मजदूरों को आर्थिक मदद नहीं मिली तो वे पलायन करेंगे। इससे कोरोना वायरस के प्रसार का और भी खतरा बढ़ सकता है।
नड्डा ने की समीक्षा
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए महाराष्ट्र भाजपा के नेताओं से संवाद साधा। नड्डा ने राज्य की स्थिति और पार्टी की ओर से चलाए जा रहे सेवा कार्य की समीक्षा की। इस दौरान फडणवीस ने कहा कि कोरोना वायरस का इलाज करने वाले डॉक्टरों के अलावा अन्य डॉक्टरों को भी तत्काल सेफ्टिकिट दिए जाने की आवश्यकता है।