उपराष्ट्रपति पद के लिए फिट रहेंगे मुप्परवरपु वेंकैया नायडू

शशिधर पाठक, नई दिल्ली Updated Mon, 17 Jul 2017 09:36 PM IST
Venkaiah Naidu will be suitable for vice presidential candidate
विपक्ष ने पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल, महात्मा गांधी के वंशज गोपाल कृष्ण गांधी को उपराष्ट्रपति पद के लिए उतारा है, वहीं सत्ता पक्ष ने भाजपा में हनुमान के नाम से मशहूर मुप्पवरपु वेंकैया नायडू को प्रत्याशी बनाया है। सही माने में वेंकैया सत्ता पक्ष के बहुत उम्मीदवार हैं। आंध्र प्रदेश के कम्मा परिवार से आने वाले वेंकैया का चयन भाजपा के लिए भी दक्षिण भारत में अपने पैर जमाने में काफी सहायक होगा। इसके अलावा वेंकैया में तमाम ऐसी खूबियां हैं, जो उन्हें राजनीति में सफल बनाती रही हैं।
वेंकैया ही क्यों
मुप्पवरपु वेंकैया नायडू की खूबियां उन्हें अलग श्रेणी में रखती हैं। पहली खूबी तो यह कि उनका राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उसकी विचारधारा में अटूट विश्वास है। भाजपा के सच्चे सिपाही हैं और छात्र जीवन से ही वह आरएसएस की सोच के हिमायती रहे हैं। वेंकैया नायडू में कार्यव्यवहार में जितने सख्त प्रशासक हैं, उतने ही फ्लेक्सिबिल भी हैं। यही वजह है कि भाजपा के अलावा तमाम विपक्षी दलों में भी उनके हितैषियों की कमी नहीं है। साफ-सुथरी और सुचिता की राजनीति की है। 

43 साल के राजनीतिक जीवन में अभी तक कहीं कोई दाग नहीं है। वेंकैया के पास तर्क, शब्द की कला, व्यवहार कुशलता, तत्कालिक निर्णय लेने की क्षमता, राजनीतिक दांव-पेंच की पर्याप्त समझ है। तंज, व्यंग और अच्छे वक्ता के गुण है। ऐसे में वह सदन की कार्यवाही को न केवल ढंग से चला सकते हैं, बल्कि लंबे राजनीतिक अनुभव के बूते नये प्रयोग से इसे और प्रभावी बना सकते हैं।

आंदोलन से निकले नेता
वेंकैया नायडू आंदोलन से निकले जमीनी नेता हैं। छात्र जीवन के दौरान ही 1972 में उन्होंने नेल्लोर से जय आंध्रा आंदोलन में हिस्सा लिया था और विजयवाड़ा से इसका नेतृत्व किया था। 1974 में वेंकैया आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद वह जेपी आंदोलन से भी प्रभावित हुए और आपातकाल के खिलाफ आवाज उठाते हुए जेल गए थे। वेंकैया की यह खूबी ही है कि आंध्र प्रदेश जैसे राज्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक, जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के साथ जुडक़र उन्होंने राजनीति में कभी पीछे मुडक़र नहीं देखा। 

भाजपा के दो बार अध्यक्ष बनने के साथ वह लगभग सभी महत्वपूर्ण पदों पर रहे। दो बार विधायक, चार बार के राज्यसभा सदस्य वेंकैया नायडू का केन्द्र सरकार में मंत्री और संसदीय कार्यमंत्री के रूप में भी कामकाज का अनुभव शानदार है। वेंकैया अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री थे। वर्तमान में वह केन्द्रीय शहरी आवास, विकास, गरीबी उन्मूलन तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री हैं। लॉ ग्रेजुएट वेंकैया के बारे में आम हैं कि किसी गतिरोध की दशा में उनके पास तमाम उपायों के साथ शानदार विकल्प होते हैं।

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