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जब सदन में कामकाज नहीं होता तो लोग ठगा हुआ महसूस करते हैं : नायडू
एजेंसी / नई दिल्ली
Updated Fri, 15 Dec 2017 07:43 AM IST
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उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू
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संसद के शीतकालीन सत्र से पहले राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि विपक्ष की भले ही सदन में जो भी क्षमता हो पर उनकी बात सुनी जानी चाहिए। लेकिन अंतत: सरकार को अपना काम पूरा करना चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से कार्यवाही में धैर्य रखने को कहा ताकि सदन में सुचारु कामकाज सुनिश्चित हो सके।
नायडू ने कहा कि जब सदन में सही तरीके से कामकाज नहीं होता तो देश की जनता खुद को ठहा हुआ महसूस करती है। नायडू ने कहा, ‘मेरी राय है कि विपक्ष को उनकी बात रखने देना चाहिए। उन्हें अपना मत पेश करना चाहिए तथा सरकार को इतना धैर्य रखना चाहिए कि वह उनका मत सुन सके और जवाब दे सके।’ उन्होंने राज्यसभा टीवी से कहा, ‘मेरा यह भी मत है कि संख्या बल पर ध्यान दिए बिना विपक्ष को उनकी बात कहने का मौका मिलना चाहिए।
पढ़ें- शरद को अयोग्य करार देने पर आलोचनाओं को वेंकैया ने खारिज किया
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किंतु अंतत: सरकार को अपना काम पूरा करना चाहिए।’ उन्होंने सत्ता पक्ष एवं विपक्ष से अनुरोध किया कि सदन का शांतिपूर्ण ढंग से चलना सुनिश्चित किया जाए तथा चर्चाएं गरिमामय ढंग से होनी चाहिए जिससे कि संसद की छवि और गरिमा बढ़ सके।
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नायडू ने कहा कि जब सदन में सही तरीके से कामकाज नहीं होता तो देश की जनता खुद को ठहा हुआ महसूस करती है। नायडू ने कहा, ‘मेरी राय है कि विपक्ष को उनकी बात रखने देना चाहिए। उन्हें अपना मत पेश करना चाहिए तथा सरकार को इतना धैर्य रखना चाहिए कि वह उनका मत सुन सके और जवाब दे सके।’ उन्होंने राज्यसभा टीवी से कहा, ‘मेरा यह भी मत है कि संख्या बल पर ध्यान दिए बिना विपक्ष को उनकी बात कहने का मौका मिलना चाहिए।
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किंतु अंतत: सरकार को अपना काम पूरा करना चाहिए।’ उन्होंने सत्ता पक्ष एवं विपक्ष से अनुरोध किया कि सदन का शांतिपूर्ण ढंग से चलना सुनिश्चित किया जाए तथा चर्चाएं गरिमामय ढंग से होनी चाहिए जिससे कि संसद की छवि और गरिमा बढ़ सके।