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बढ़ सकती है वेदांता की मुश्किलें, अगले साल तक बंद रह सकता है स्टरलाइट प्लांट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, थूथूकोडी
Updated Mon, 28 May 2018 03:39 PM IST
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2018 अरबपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड के लिए अच्छा नहीं रहा है। तमिलनाडु के तूतीकोरिन में लगा उनका तांबा पिघलाने वाला संयंत्र अगले साल तक बंद रह सकता है। इसकी वजह से साल की शुरुआत से ही 25 प्रतिशत कम चल रहे स्टॉक में और कमी आने की संभावना है। पिछले हफ्ते यहां लोगों ने इस संयंत्र का विरोध किया था क्योंकि इसकी वजह से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।
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विरोध प्रदर्शन काफी हिंसक हो गया था जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी। इस संयंत्र के बंद होने से सालाना 400,000 मीट्रिक टन के परिचालन पर रोक लग जाएगी। इससे पहले साल की शुरुआत में लौह अयस्क खनन प्रतिबंध और स्टील अधिग्रहण पर रोक लग चुकी है। लगातार लोग कंपनी का विरोध कर रहे हैं। अब भारत की सबसे बड़ी तांबा निर्माता कंपनी को चेतावनी दी गई है कि उन्हें धातु के उत्पाद को घटाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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तांबा गलाने का संयंत्र कम से कम 12 महीनों तक शुरू होने वाला नहीं है। ऐसे में कंपनी को 200 से 250 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता है। सरकार ने लोगों के मारे जाने के बाद एक जांच कमेटी बनाई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने सोमवार को कहा कि सरकार वेदांता लिमिटेड के इस संयंत्र को स्थायी तौर पर बंद करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
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पनीरसेल्वम ने थूथूकुडी में जाकर उन लोगों से मुलाकात की जिन्होंने एंटी-स्टरलाइट विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में घायल हो गए थे। इस घटना में 13 लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि घायलों को मुआवजा दिया जाएगा। रविवार से यहां हालात सामान्य हो गए हैं। थूथूकोडी में धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। दुकानदारों ने ग्राहकों के लिए अपनी दुकानें खोल दी हैं।