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Hindi News ›   India News ›   Gyanvapi Mosque Case: Supreme Court Denied to Stay on Varanasi Court Order for Gyanvapi Mosque Survey News in Hindi

Gyanvapi Masjid Case: सुप्रीम कोर्ट ने सर्वे पर रोक लगाने से किया साफ इनकार, कहा- पहले फाइल तो देख लें...

Fri, 13 May 2022 01:01 PM IST
अजय सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: अजय सिंह Updated Fri, 13 May 2022 01:01 PM IST
सार

ज्ञानवापी मामले में वाराणसी कोर्ट ने 17 मई तक सर्वे रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि ताला खोलकर या तोड़कर जैसे भी हो सर्वे पूरा करवाएं।

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Gyanvapi Mosque Case: Supreme Court Denied to Stay on Varanasi Court Order for Gyanvapi Mosque Survey News in Hindi
काशी विश्वनाथ मंदिर से सटा ज्ञानवापी मस्जिद। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी ज्ञानवापी मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। याचिका में वाराणसी कोर्ट के आदेश पर रोक की मांग की गई है। याचिका अंजुमन ए इंतेजामिया मस्जिद वाराणसी की प्रबंधन समिति की तरफ से लगाई गई है। याचिकाकर्ता के वकील हुजेफा अहमदी ने इसे प्लेसेस ऑफ वरशिप एक्ट के खिलाफ बताया और सुप्रीम कोर्ट से तुरंत सुनवाई की मांग की। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि तुरंत कोई आदेश नहीं दे सकते। फाइल देखने के बाद ही सुनवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

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याचिकाकर्ता के वकील अहमदी ने कहा, ‘हमने उस सर्वेक्षण को लेकर याचिका दायर की है, जिसका वाराणसी स्थित संपत्ति के संबंध में किए जाने के लिए निर्देश दिया गया है। यह (ज्ञानवापी) पुरातन काल से मस्जिद है और यह (सर्वेक्षण) पूजा स्थल अधिनियम के तहत स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित है।’ उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण करने का निर्देश पारित किया गया है और इस समय यथास्थिति बनाए रखने का आदेश पारित किया जाए।
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इस पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं ऐसा आदेश कैसे पारित कर सकता हूं? मैं पढ़ूंगा। मुझे विचार करने दीजिए।’


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ताला खोलकर या तोड़कर जैसे भी हो पूरा करवाएं सर्वे : वाराणसी कोर्ट
गुरुवार को वाराणसी कोर्ट ने परिसर के तहखाने तक वीडियोग्राफी व सर्वे कराने संबंधी आवेदन को अदालत ने स्वीकार कर लिया है। पुलिस आयुक्त व जिलाधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करते हुए अदालत ने आदेश दिया है कि कि ताला खोलकर या तोड़कर जैसे भी हो, पूरे परिसर के सर्वे की कार्यवाही पूरी करवाएं। कोर्ट ने प्रशासन पर भी तल्ख टिप्पणी करते हुए पूछा है कि प्रशासन को सुस्पष्ट भाषा क्यों समझ में नहीं आती है? सर्वे की कार्यवाही पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और अगली सुनवाई के लिए 17 मई की तारीख तय की गई है। अदालत ने आदेश में कहा है कि कमीशन की कार्यवाही में किसी की ओर से कोई बाधा डाले जाने पर जिला प्रशासन प्राथिमिकी दर्ज करवाकर सख्त विधिक कार्यवाही करे। इसके साथ ही डीजीपी और मुख्य सचिव को पूरे मामले की मॉनिटरिंग का निर्देश दिया है और कहा है कि यह सुनिश्चित करें कि जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त इस मामले में लापरवाही न करें। दोनों को पत्र भी भेजा जाएगा। 





अधिवक्ता आयुक्त नहीं हटाए जाएंगे
अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्र को हटाने की मांग को खारिज करते हुए अदालत ने आदेश दिया है कि किसी कीमत पर सर्वे की कार्यवाही नहीं रुकेगी। अधिवक्ता आयुक्त अजय मिश्र को आगे का सर्वे जारी रखने का आदेश देते हुए उनके सहयोग के लिए विशेष सर्वे अधिवक्ता के रूप में अजय प्रताप सिंह और विशाल सिंह को तैनात किया गया है। इनमें किसी भी अधिवक्ता की गैरमौजूदगी में काम नहीं रुकेगा। सर्वे की कार्यवाही अब हर दिन सुबह आठ बजे से 12 बजे तक होगी।

यह है पूरा मामला
वादी पक्ष की ओर से ज्ञानवापी मस्जिद की बैरिकेडिंग के अंदर तहखाने समेत अन्य उल्लिखित स्थलों का निरीक्षण करने का स्पष्ट आदेश देने की अपील की गई थी। वहीं, प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद ने अधिवक्ता आयुक्त को बदलने की मांग की थी। शृंगार गौरी के रोजाना दर्शन पूजन की मांग को लेकर पांच महिलाओं की ओर से दायर वाद पर बीते आठ अप्रैल को अदालत ने अजय कुमार मिश्र को अधिवक्ता आयुक्त नियुक्त करते हुए ज्ञानवापी परिसर का सर्वेक्षण कर 10 मई तक अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। छह मई को कमीशन की कार्यवाही शुरू तो हुई लेकिन पूरी नहीं हो सकी। सात मई को अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर एडवोकेट कमिश्नर बदलने की मांग कर दी। इस प्रार्थना पत्र पर तीन दिन से अदालत में सुनवाई चल रही थी। फैसले के बाद अब जल्द ही कमीशन की कार्यवाही शुरू होने की उम्मीद है।

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