फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Vajra Prahar Indian-American soldiers demonstrated their strength in military exercise in Himachal mountains

Vajra Prahar: ऊंचे पहाड़ों पर भारतीय-अमेरिकी जवानों ने दिखाया दम, 15 मार्च तक चलेगा वज्र प्रहार सैन्य अभ्यास

Wed, 25 Feb 2026 04:55 AM IST
लव गौर अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: लव गौर Updated Wed, 25 Feb 2026 04:55 AM IST
सार

Vajra Prahar 2026: 15 मार्च तक चलने वाले इस 16वें संस्करण में भारतीय सेना के पैरा स्पेशल फोर्स के 45 जांबाज और अमेरिकी सेना के ग्रीन बरे के 12 कमांडो शामिल हो रहे हैं। पर्वतीय युद्ध कला के लिए मशहूर इस क्षेत्र में आयोजित अभ्यास का मुख्य केंद्र जटिल पहाड़ी इलाकों में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करना है।

विज्ञापन
Vajra Prahar Indian-American soldiers demonstrated their strength in military exercise in Himachal mountains
युद्धाभ्यास (फाइल फोटो) - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हुए मंगलवार को हिमाचल प्रदेश के बकलोह स्थित स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल (एसएफटीएस) में संयुक्त सैन्य अभ्यास वज्र प्रहार 2026 शुरू हो गया। 15 मार्च तक चलने वाले इस 16वें संस्करण में भारतीय सेना के पैरा स्पेशल फोर्स के 45 जांबाज और अमेरिकी सेना के ग्रीन बरे के 12 कमांडो शामिल हो रहे हैं।
विज्ञापन


पर्वतीय युद्ध कला के लिए मशहूर इस क्षेत्र में आयोजित अभ्यास का मुख्य केंद्र जटिल पहाड़ी इलाकों में आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करना है। अभ्यास के दौरान आधुनिक ड्रोन तकनीक, उन्नत मानवरहित हवाई प्रणालियों और सर्जिकल स्ट्राइक जैसी कूटनीतिक चालों का प्रशिक्षण लिया जाएगा। दोनों सेनाएं बंधक बचाव मिशन और गुप्त अभियानों में आपसी तालमेल को और अधिक प्रभावी बनाएंगी।
विज्ञापन


भारत की ओर से स्पेशल फोर्सेस की टुकड़ी और अमेरिका की ओर से प्रसिद्ध ग्रीन बेरेट्स के कमांडो इसमें हिस्सा ले रहे हैं। दोनों पक्षों के लगभग 45-45 जवान वास्तविक युद्ध स्थितियों में कठिन प्रशिक्षण लेंगे। इस दौरान उन्नत विशेष अभियानों की रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: सेना प्रमुख का ऑस्ट्रेलिया दौरा: युद्धाभ्यास 'ऑस्ट्राहिंद' होगा और व्यापक, रक्षा समेत इन मुद्दों पर हुई चर्चा


रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी चुनौतियों पर फोकस
इस साल के अभ्यास का एक प्रमुख लक्ष्य रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी वातावरण में संयुक्त अभियानों को अंजाम देने की क्षमताओं को निखारना है। इससे पहले 2024 में इसका 15वां संस्करण अमेरिका के इडाहो में आयोजित किया गया था, जबकि 2023 में यह मेघालय के उमरोई में हुआ था।

अमेरिका में हुआ था पिछली बार अभ्यास
वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में हो रहे बदलावों के बीच यह युद्धाभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करता है। पिछला अभ्यास 2024 में अमेरिका के इडाहो में संपन्न हुआ था और अब भारत की धरती पर यह साझा कौशल भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के विरुद्ध एक कड़ा संदेश है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed