भारत में टीकाकरण: सरकार पूछ रही चार सवाल, 97 फीसदी प्रतिभागी प्रक्रिया से संतुष्ट
भारत में जारी कोरोना टीकाकरण को लेकर देश के 97 फीसदी से ज्यादा लोग संतुष्ट हैं। सरकार ने टीका लगवा चुके लोगों को एसएमएस कर प्रतिक्रिया जानी थी। इसके जवाब में इन लोगों ने टीकाकरण प्रक्रिया को लेकर संतुष्टी जताई है।
केंद्र सरकार उन लोगों की प्रतिक्रिया जान रही है, जिन्हें टीके की पहली खुराक लग चुकी है। इसके लिए इन लोगों को निजी तौर पर एसएमएस भेजे गए थे। इसके लिए इलेक्ट्राॅनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने खासतौर से सिस्टम विकसित किया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य टीकाकरण प्रक्रिया का विश्लेषण करना है। इसलिए जो लोग टीके की खुराक लगवा चुके हैं, उनसे प्रतिक्रिया ली जा रही है। सबसे पहले उनसे पूछा जाता है कि क्या उन्हें टीका लग चुका है, उनके हां पर क्लिक करने के बाद उन्हें एसएमएस में दी गई लिंक खोलना होती है। इसमें चार सवाल हैं।
13 फरवरी से लगेगी दूसरी खुराक
इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने 13 फरवरी से टीके की दूसरी खुराक लगाने का फैसला किया है। यह खुराक उन लोगों को लगाई जाएगी, जिन्हें टीके की पहली खुराक लग चुकी है। दूसरी खुराक सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों को लगाई जाएगी। देश में 1239 निजी अस्पतालों व 5912 सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण किया जा रहा है।
पूछे जा रहे ये सवाल
- क्या टीकाकरण केंद्र के स्टाफ ने प्रक्रिया की जानकारी दी। यह बताया कि उन्हें कौनसा टीका लगाया जाएगा?
- क्या टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रभावों को लेकर स्टाफ ने जानकारी दी?
- क्या टीका लगने के बाद उन्हें 30 मिनट केंद्र पर इंतजार करने को कहा गया?
- क्या टीकाकरण प्रक्रिया के दौरान शारीरिक दूरी रखी जा रही है?
एसएमएस का जवाब नहीं देने पर लगाया जा रहा फोन
यदि टीका लगवा चुका व्यक्ति एसएमएस का जवाब नहीं देता है तो उसे फोन काॅल किया जाता है। यदि यह काॅल भी नहीं उठाया जाता है तो चार घंटे बाद दूसरी बार फिर काॅल किया जाता है। सरकार ने स्प्ष्ट किया कि टीकाकरण के बाद उस पर प्रतिक्रिया जानने की इस प्रक्रिया में भाग लेना अनिवार्य नहीं है।
37 लाख को एसएमएस भेजे, 5 लाख ने जवाब दिए
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव भूषण ने बताया कि सरकार ने करीब 37 लाख प्रतिभागियों को एसएमएस भेजे थे। इनमें से 5 लाख ने जवाब दिए। पांच लाख लोगों में से 97.38 ने टीकाकरण को लेकर संतोष प्रकट किया।
बता दें, भारत में 16 जनवरी से टीकाकरण प्रक्रिया शुरू की गई है। पहले चरण में तीन करोड़ करोड़ लोगों को टीके लगाए जाएंगे। इनमें डाॅक्टर, स्वास्थ्य कर्मी, सफाईकर्मी व अन्य पहली पंक्ति के लोग शामिल हैं। विश्व में सबसे तेज गति से भारत में टीकाकरण हो रहा है। अब तक 44 लाख से ज्यादा लोगों को टीके लगाए जा चुके हैं।