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उत्तर प्रदेश: मसुरिया दीन के सहारे कांग्रेस की बड़ी सियासी चाल! BSP के जाटव के बदले पासी समाज पर लगाया दांव

Tue, 03 Oct 2023 02:30 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Tue, 03 Oct 2023 02:30 PM IST
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सार
जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से कांग्रेस मुख्यालय में कभी पासी समुदाय के नेता रहे मसुरिया दीन की तस्वीर लगाई गई। इस दौरान पार्टी मुख्यालय पर महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री के साथ उनके चित्र पर भी माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई...
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Uttar Pradesh: Congress big political move to lure pasi community with the help of musaria deen
Masuriya Din Pasi - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

कांग्रेस पार्टी अब अपने खोए हुए जनाधार को वापस पाने के लिए अलग-अलग राज्यों में उन तबकों से सीधे तौर पर जुड़ने की योजना बना रही है, जो कभी उनके सबसे बड़े समर्थक हुआ करते थे। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के साथ गए कांग्रेस के पासी समर्थकों को वापस लाने की सियासी रणनीति बनाई है। इसके लिए बाकायदा कांग्रेस ने पार्टी मुख्यालय पर कभी पासी समाज की अगुवाई करने वाले नेता मसूरिया दीन की तस्वीर लगाकर महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की तस्वीर के साथ जगह दी। यही नहीं पार्टी ने पूरे उत्तर प्रदेश में दलितों को अपने साथ जोड़ने खासतौर से पासी समाज को संदेश देने के लिए मसूरिया दीन की तस्वीर लगाने और उन पर माल्यार्पण करने के लिए कहा था। सियासी गलियारों में माना यही जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में बहुजन समाज पार्टी के कोर वोट बैंक जाटव की तुलना में पासी समुदाय पर अपना बड़ा सियासी दांव लगाने वाली है।

जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से कांग्रेस मुख्यालय में कभी पासी समुदाय के नेता रहे मसूरिया दीन की तस्वीर लगाई गई। इस दौरान पार्टी मुख्यालय पर महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री के साथ उनके चित्र पर भी माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई। कांग्रेस पार्टी ने उनके दो अक्तूबर को मनाए जाने वाले जन्मदिन को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के साथ मनाने का निर्णय लिया था। यही नहीं इस दौरान पार्टी ने सभी जिला नगर ब्लॉक कांग्रेस समितियां को महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के साथ-साथ पासी समाज के प्रमुख नेता रहे मसूरिया दीन के चित्र पर भी माल्यार्पण करने के लिए कहा था। इसके साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दलित बस्तियों में जाकर उनके घरों में भोज करने और उनके साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताने और पार्टी की नीतियों को बताने के भी निर्देश दिए गए थे।

सियासी जानकार बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में जिस तरीके की राजनीति कांग्रेस अब अपने से बिछड़ी हुई जातियों को जोड़कर कर रही है उस कड़ी में यह प्रयास सियासी नजरिए से बड़ा पॉलिटिकल शॉट माना जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं की ओर से जब पासी समुदाय को जोड़ने के लिए उनके पुराने और बड़े नेता के चित्र पर माल्यार्पण की रणनीति बनाई गई, तो उसी के साथ में यह भी किया गया कि पासी जनकल्याण समितियों की ओर से आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों में भी कांग्रेस के नेता बढ़-चढ़कर भाग लें। ताकि इस समुदाय में कांग्रेस के प्रति वह संदेश जाए, जो कभी उनकी पार्टी के लिए पासी समुदाय का हुआ करता था। यही वजह थी कि दो अक्तूबर को उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अजय राय पासी जनकल्याण समिति के ओर से आयोजित एक भोज कार्यक्रम में शरीक होने के लिए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के एक इलाके में पहुंचे। पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इस तरीके के कार्यक्रमों में शरीक हुए।

राजनीतिक जानकार विष्णु शंकर चतुर्वेदी कहते हैं कि एक दौर में कांग्रेस के दलित विचारक और पासी समाज के अगुवा नेता मसूरिया दीन और कांग्रेस के नेता नंगाराम पासी अपने समाज को अगली पंक्ति में लाने के लिए सभी प्रयास करते रहे। लेकिन धीरे-धीरे बदलते वक्त के साथ कांग्रेस में कोई ऐसे बड़े नेता पासी समुदाय के साथ खड़े होने वाले नहीं मिले। नतीजा हुआ कि धीरे-धीरे दलित वोट के खिसकने के साथ पासी वोट भी एक तरफा कांग्रेस से दूर जाने लगा। वह कहते हैं अब जब कांग्रेस दोबारा मजबूती के साथ सियासत में सभी समुदायों को एकजुट करने की तैयारी कर रही है, तो उसमें मसूरिया दीन की तस्वीर के साथ पार्टी ने एक बड़ा संदेश पासी समुदाय को तो दिया ही है।

दरअसल दो अक्तूबर को पासी समुदाय के बड़े नेता की तस्वीर लगाने को लेकर सियासत में कांग्रेस की रणनीति पर जमकर चर्चा हो रही है। राजनीतिक विश्लेषक और पत्रकार देवेंद्र शुक्ला कहते हैं कि दरअसल कांग्रेस धीरे-धीरे ही सही, लेकिन अपने उसे पुराने वोट बैंक से जुड़ने का प्रयास कर रही है जो समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी में चला गया। उनका कहना है कि यह रणनीति आने वाले लोकसभा चुनाव में कितना असर करेगी यह तो कहना मुश्किल है, लेकिन जो रणनीति कांग्रेस पार्टी बना रही है वह उसकी सियासत के लिहाज से मुफीद नजर आ रही है। देवेंद्र शुक्ला कहते हैं कि बहुजन समाज पार्टी के कोर वोट बैंक में जाटव समुदाय आता है। पासी भी बहुजन समाज पार्टी को लंबे वक्त तक वोट देता रहा। लेकिन अब कांग्रेस पार्टी ने उस पर सीधे तौर पर बड़ा सियासी दांव मसूरिया दीन के सहारे लगा दिया है। कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों का कहना है कि इसे सियासी नजरिए से न देख कर हमारी अपनी पार्टी की विचारधारा को और आगे बढ़ाने के लिहाज से यह योजना बनाई जा रही है। कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत कहते हैं कि उनकी पार्टी समाज के हर तबके के लिए लड़ाई लड़ रही है और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्टी के सभी बड़े नेता और पदाधिकारी समेत कार्यकर्ता लगातार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की लड़ाई में शामिल होकर उनकी आवाज बन रहा है। कांग्रेस पार्टी सभी जाति धर्म और समुदाय के लोगों को एक साथ लेकर चलने वाली पार्टी है।

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