अमेरिकी डॉक्टर की चेतावनी: छोटे बच्चों में तेजी से फैल रहा कोरोना, इसलिए जल्द से जल्द लगाएं इन्हें वैक्सीन
Dr Faheem Younus: संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. फहीम यूनुस ने कहा कि 5 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बच्चों को जल्द से जल्द टीका लगाया जाना चाहिए। डॉ यूनुस ने कहा कि जिन बच्चों का ऊपरी श्वसन पथ अभी विकासशील चरण में है, उनमें ओमिक्रॉन संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दुनिया में कोरोना की तीसरी लहर के बीच अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ और यूएस यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के डॉक्टर फहीम यूनुस ने कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर में छोटे बच्चे अधिक संक्रमित हो रहे हैं इसलिए इन्हें जल्द से जल्द वैक्सीन लगाए जाने की जरूरत है। संक्रामक रोग विशेषज्ञ ने कहा है कि पांच साल से ऊपर के सभी बच्चों को जल्द से जल्द टीका लगाया जाना चाहिए क्योंकि इससे मृत्यु दर में 90 फीसदी की कमी आती है। डॉक्टर फहीम ने कहा कि कोरोना टीका बच्चों के लिए सुरक्षित है इसलिए जितनी जल्दी हो सके इन्हें खुराक देनी शुरू कर देनी चाहिए ताकि सभी सुरक्षित हो सकें।
अगर आपके पास असीमित आपूर्ति है तो जल्द से जल्द बच्चों को लगाएं वैक्सीन
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए डॉ. यूनुस ने कहा कि मुझे लगता है कि वर्तमान विज्ञान स्पष्ट रूप से कहता है कि पांच साल से अधिक उम्र के बच्चों को टीका लगाया जाना चाहिए। टीकाकरण सुरक्षित है, फिर यह आपूर्ति, मांग और बुनियादी ढांचे का सवाल बन जाता है और आप कितनी जल्दी उन टीकों को रोल आउट कर सकते हैं? यदि आपके पास असीमित आपूर्ति है और लोगों के बीच बच्चों को टीका लगाने को लेकर हिचकिचाहट नहीं है, तो पांच साल से अधिक उम्र के सभी बच्चों को टीका लगाया जाना चाहिए।
अमेरिका में बच्चों में संक्रमण की उच्च दर पर दिया जवाब
अमेरिका में बच्चों में संक्रमण की उच्च दर के बारे में पूछे जाने पर, डॉ. यूनुस ने कहा कि चूंकि ओमिक्रॉन वैरिएंट फेफड़ों और निचले श्वसन पथ की तुलना में ऊपरी श्वसन पथ को अधिक संक्रमित करता है, ऐसे बच्चे, जिनका ऊपरी श्वसन पथ अभी भी एक विकासशील चरण में है उनमें संक्रमण की अधिक संभावना है।
महामारी के इस चरण में बच्चों में अधिक संक्रमण
डॉ. यूनुस ने कहा कि हम महामारी के इस चरण में बच्चों में अधिक संक्रमण देख रहे हैं। लेकिन ऐसा इसलिए नहीं है क्योंकि वायरस बच्चों के लिए अधिक घातक है। ऐसा इसलिए है क्योंकि कुल मिलाकर संक्रमण बहुत अधिक हैं। हमारे स्कूल खुले हैं और हमारे बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है।