LIVE: अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और राजनाथ सिंह के बीच हुई वार्ता, रक्षा सौदा समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके अमेरिकी समकक्ष लॉयड ऑस्टिन ने शनिवार को विस्तृत वार्ता की, जिसमें द्विपक्षीय रणनीतिक सबंधों को और विस्तार देने, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलती स्थिति और आतंकवाद की चुनौती जैसे विषयों पर मुख्य रूप से चर्चा की गई। इस बैठक से जुड़ी सभी अपडेट यहां पढ़िए...
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लाइव अपडेट
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ एक शानदार बैठकः ऑस्टिन
Had a productive meeting with @RajnathSingh. The U.S.-India Major Defense Partnership is a stronghold of a free & open Indo-Pacific. I am confident our strategic partnership will reach new heights as we advance new areas of cooperation, including space & cyber domains. pic.twitter.com/NXJViilqwk
— Secretary of Defense Lloyd J. Austin III (@SecDef) March 20, 2021
ऑस्टिन और राजनाथ ने कई मुद्दों पर की चर्चा
Delhi: The delegation-level talks between Defence Minister Rajnath Singh and US Secretary of Defence Lloyd James Austin III concludes at Vigyan Bhawan. The two Ministers will issue a joint statement now. https://t.co/ODYZADXU60
— ANI (@ANI) March 20, 2021
राजनाथ सिंह और ऑस्टिन के बीच वार्ता शुरू
अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन फिलहाल विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं, जहां उनके और रक्षा मंत्री के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता शुरू हो गई है। वार्ता में 30 घातक प्रिडेटर ड्रोन और 114 एडवांस लड़ाकू विमानों के खरीद समेत चीन की दादागिरी, आतंकवाद की चुनौती और अफगानिस्तान में शांति वार्ता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। इस बैठक में सीडीएस जनरल बिपिन रावत और तीनों सेना प्रमुख भी मौजूद हैं।Delhi: Defence Minister Rajnath Singh and US Secretary of Defence Lloyd James Austin III hold delegation-level talks at Vigyan Bhawan.
— ANI (@ANI) March 20, 2021
CDS General Bipin Rawat and the three Services Chiefs are also present at the meeting. pic.twitter.com/zZ7coe9g4Z
चीन के आक्रामक तेवरों का जवाब देने की तय होगी रणनीति
अमेरिका पिछले साल पूर्वी लद्दाख में चीन की आक्रामक घुसपैठ के बाद से ही भारत की हर मंच पर लगातार मदद कर रहा है। ऑस्टिन क्वाड समूह के चारों देशों भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले शीर्ष सम्मेलन के कुछ दिन बाद इस दौरे पर निकले हैं। ऐसे में उनकी यात्रा का केंद्र हिंद-प्रशांत क्षेत्र ही रहने की उम्मीद है, जहां चीन के आक्रामक रुख पर सभी देश आपत्ति जता चुके हैं। बाद में दोनों देशों की ओर से साझा-बयान भी जारी किए जाएंगे।
रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम की खरीद का मुद्दा उठाएगा अमेरिका
ऑस्टिन के भारत दौरे से पहले अमेरिकी सीनेट की शक्तिशाली विदेशी संबंध समिति के चेयमैन सीनेटर रॉबर्ट मेनेंडेज ने उन्हें पत्र लिखकर भारत और रूस के बीच एस-400 मिसाइल सिस्टम के सौदे का मुद्दा उठाया था।
उन्होंने ऑस्टिन से यह मुद्दा और लोकतंत्र व मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दे भी भारत के सामने उठाने का आग्रह किया था। ऐसे में माना जा रहा है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बातचीत में ऑस्टिन इस सौदेबाजी का मुद्दा उठा सकते हैं।
LIVE: अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और राजनाथ सिंह के बीच हुई वार्ता, रक्षा सौदा समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा
Delhi: US Secretary of Defense Lloyd James Austin III pays tribute at the National War Memorial. pic.twitter.com/nOl0xKgbzd
— ANI (@ANI) March 20, 2021
अमेरिकी रक्षा मंत्री के इस तीन दिवसीय दौरे पर दोनों देशों के बीच 30 घातक प्रिडेटर ड्रोन और 114 एडवांस लड़ाकू विमानों के खरीद सौदों पर बातचीत होने के आसार हैं। इसके अलावा चीन की दादागिरी, आतंकवाद की चुनौती और अफगान शांति प्रक्रिया भी दोनों देशों के बीच वार्ता में अहम मुद्दे रहेंगे।
ऑस्टिन के दौरे से जुड़ी जानकारी रखने वाले एक शीर्ष अधिकारियों के मुताबिक, भारत अपनी तीनों सेनाओं के लिए अमेरिका से 30 बहुउद्देश्यीय सशस्त्र प्रिडेटर ड्रोन विमान खरीदने की योजना बना रहा है। करीब 3 अरब डॉलर की अनुमानित लागत वाले इस सौदे पर ऑस्टिन के साथ वार्ता के दौरान सहमति की मुहर लग सकती है। अमेरिका की प्रमुख रक्षा कंपनी जनरल एटोमिक्स के प्रिडेटर-बी ड्रोन विमान करीब 35 घंटे तक लगातार उड़ान भरने और जमीन से लेकर समुद्र तक कहीं भी निशाने पर बमबारी करने में सक्षम हैं।
अधिकारियों का कहना है कि भारत करीब 18 अरब डॉलर की अनुमानित लागत से 114 लड़ाकू विमान भी खरीदने की तैयारी में है। दो प्रमुख अमेरिकी रक्षा कंपनियां बोइंग और लॉकहीड-मार्टिन इस रक्षा सौदे को कब्जाने की होड़ में शामिल हैं। ऐसे में ऑस्टिन की तरफ से इसे लेकर भी पैरवी की जा सकती है। इसके अलावा ऑस्टिन के दौरे में दोनों देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान, क्षेत्रीय रक्षा समझौतों को लेकर भी बड़ी द्विपक्षीय साझेदारियों की घोषणा होने की उम्मीद है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात के बाद शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे। उनके विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मिलने की संभावना है। दौरे की तैयारियों से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को अमेरिका वापस जाने से पहले ऑस्टिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलने जा सकते हैं। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ है।