26/11 Attack: आतंकी को फांसी मिलती तो ज्यादा खुशी होती, हमले के आरोपी को भारत सौंपने के फैसले पर बोली चश्मदीद
अमेरिकी कोर्ट के इस फैसले पर देविका ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) में हुए हमले में उनके दाहिने पैर में गोली लगी थी। हमले में मेरे सामने कई लोग मारे गए थे। आतंकी को भारत को सौंपा जा रहा है, इससे मैं खुश हूं। लेकिन अगर आतंकी राणा को फांसी दे दी जाती या फिर उसके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाती तो मुझे ज्यादा खुशी होती।
विस्तार
26/11 मुंबई हमले की सबसे उम्र की चश्मदीद ने अमेरिकी अदालत के फैसले का स्वागत किया है। अमेरिकी कोर्ट ने आरोपी को भारत को सौंपने की मंजूरी दी है। हालांकि, चश्मदीद का कहना है कि अगर आतंकी को फांसी या कोई और कड़ी सजा दी जाती है तो उन्हें ज्यादा खुशी होगी। देविका नटवरलाल ने आतंकी हमले के बाद दावा किया था कि वह नौ साल की हैं और वह इकलौती सबसे कम उम्र की चश्मदीद गवाह हैं।
जानिए, कोर्ट ने क्या आदेश दिया था
जानकारी के अनुसार, आतंकी तहव्वुर राणा फिलहाल लॉस एंजेलिस के फेडरल लॉकअप में है। साल 2008 में मुंबई में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें अमेरिकी नागरिकों सहित कुल 166 लोग मारे गए थे। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए कैलिफोर्निया सेंट्रल की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने आतंकी राणा को भारत सौंपने की मंजूरी दी थी। जस्टिस जैकलिन चूलजियान ने बुधवार को 48 पन्नों का आदेश जारी किया था। आदेश जारी करते हुए जस्टिस जैकलिन ने कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत 62 वर्षीय राणा को भारत को सौंपना चाहिए।
पढ़िए कोर्ट के फैसले पर देविका ने क्या कहा
अमेरिकी कोर्ट के इस फैसले पर देविका ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) में हुए हमले में उनके दाहिने पैर में गोली लगी थी। हमले में मेरे सामने कई लोग मारे गए थे। आतंकी को भारत को सौंपा जा रहा है, इससे मैं खुश हूं। लेकिन अगर आतंकी राणा को फांसी दे दी जाती या फिर उसके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाती तो मुझे ज्यादा खुशी होती। देविका का कहना है कि आतंकी को भारत लाने या फिर उसे जेल में रखने से कुछ नहीं होगा। आतंकी से पूछताछ की जानी चाहिए। आतंकी हमले से जुड़ी सूचनाएं एकत्र की जानी चाहिए। इससे आतंकियों के बारे में ज्यादा जानकारी मिल पाएगी।
कड़ी सजा से और लोगों में खौफ फैलेगा
देविका का कहना है कि एक ऐसे आतंकी, जिसने आतंकवादी संगठनों के साथ हमले किए। 10 लोगों को गोलियों से भून दिया। उनकी हत्या कर दी। कई लोगों को घायल कर दिया। ऐसे आतंकी को दंड देना चाहिए। इन्हें फांसी पर लटका देना चाहिए, जिससे आगे से कोई और ऐसा करने की कोशिश न करे।
सभी आतंकियों को कटघरे में लाना चाहिए
हमले में शहीद हुए रिजर्व पुलिस बल के जवान राहुल शिंदे के पिता सुभाष शिंदे ने कहा कि हमें पहले से ही पता था कि हमला पाकिस्तान ने कराया है। हमले की साजिश और हमला करने वाले हर एक शख्स को कटघरे में खड़ा करना चाहिए। साजिश का पर्दाफाश होना, शहीदों के लिए श्रद्धांजलि होगी। इसके अलावा हमले में घायल हुई 46 साल की सबीरा खान ने कहा कि मैं राणा के बारे में नहीं जानती। लेकिन हमले में शामिल सभी आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए। सबीरा का कहना है कि हमले के 14 साल बाद भी वह ढंग से चल नहीं पाती। अब तक उनकी 12 सर्जरी हो चुकी है।