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West Asia Crisis: ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका सख्त, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर बोले- यह हमारी रेड लाइन
Wed, 03 Jun 2026 09:59 PM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: अमन तिवारी
Updated Wed, 03 Jun 2026 09:59 PM IST
सार
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मुंबई में कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना अमेरिका की प्राथमिकता है। उन्होंने ईरान पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को रोकने और पड़ोसी देशों पर हमले करने का आरोप लगाया। राजदूत ने चेतावनी दी कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान की इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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सर्जियो गोर
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को मुंबई में एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता। अमेरिका के लिए यह एक रेड लाइन है जिसे पार नहीं किया जा सकता। इस समय वॉशिंगटन और तेहरान के बीच पश्चिम एशिया के संघर्ष को खत्म करने के लिए कूटनीतिक और सैन्य तनाव बना हुआ है।
सर्जियो गोर ने ईरान की आलोचना की
सर्जियो गोर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को रोकने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की। यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। राजदूत ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी को भी दुनिया को बंधक बनाने की इजाजत नहीं देते। मुंबई में 'सिटी 2026 इंडिया कॉन्फ्रेंस' के एक कार्यक्रम में सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह बातें कहीं।
राजदूत ने बताया कि लगभग तीन महीने पहले अमेरिका और इस्रायल ने ईरान पर हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने अपने पड़ोसी देशों और खाड़ी के देशों पर हमले किए। इनमें कतर, सऊदी अरब और ओमान जैसे देश शामिल हैं। ईरान ने अजरबैजान और तुर्की पर भी हमले किए। गोर ने इन हरकतों को बहुत ही लापरवाह कदम बताया।
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ईरान का परमाणु कार्यक्रम बातचीत में बना बाधा
सर्जियो गोर ने कहा कि ईरान ने जो रॉकेट दागे थे अगर, ये परमाणु हथियार होते तो इसके परिणामों की कल्पना करना भी डरावना है। यही वजह है कि अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होगा। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस समय बातचीत में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
ये भी पढ़ें: India-Laos Ties: जयशंकर से मिले लाओस के उप प्रधानमंत्री, रक्षा, शिक्षा और व्यापार समेत कई मुद्दों पर हुई बात
पश्चिम एशिया का यह संकट 28 फरवरी को शुरू हुआ था। तब अमेरिका और इस्रायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था। इस संघर्ष की वजह से न केवल पूरे क्षेत्र में अशांति फैली, बल्कि ईधन की कीमतों में भारी उछाल आया। इससे दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
ऊर्जा संकट क्या बोले सर्जियो गोर?
ऊर्जा संकट पर बात करते हुए अमेरिकी दूत ने कहा कि केवल ईरान ही होर्मुज जलडमरूमध्य को रोक रहा है। वे न केवल इस रास्ते को रोक रहे हैं, बल्कि पूरी दुनिया को बंधक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र हैं और इन जहाजों का इस संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि राष्ट्रपति ट्रंप इस स्थिति को जारी नहीं रहने देंगे। ईरानी शासन की यह गैर-जिम्मेदारी अब और बर्दाश्त नहीं होगी।
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सर्जियो गोर ने ईरान की आलोचना की
सर्जियो गोर ने होर्मुज जलडमरूमध्य को रोकने के लिए ईरान की कड़ी आलोचना की। यह रास्ता अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। राजदूत ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी को भी दुनिया को बंधक बनाने की इजाजत नहीं देते। मुंबई में 'सिटी 2026 इंडिया कॉन्फ्रेंस' के एक कार्यक्रम में सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह बातें कहीं।
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राजदूत ने बताया कि लगभग तीन महीने पहले अमेरिका और इस्रायल ने ईरान पर हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने अपने पड़ोसी देशों और खाड़ी के देशों पर हमले किए। इनमें कतर, सऊदी अरब और ओमान जैसे देश शामिल हैं। ईरान ने अजरबैजान और तुर्की पर भी हमले किए। गोर ने इन हरकतों को बहुत ही लापरवाह कदम बताया।
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ईरान का परमाणु कार्यक्रम बातचीत में बना बाधा
सर्जियो गोर ने कहा कि ईरान ने जो रॉकेट दागे थे अगर, ये परमाणु हथियार होते तो इसके परिणामों की कल्पना करना भी डरावना है। यही वजह है कि अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान के पास कोई परमाणु हथियार नहीं होगा। ईरान का परमाणु कार्यक्रम इस समय बातचीत में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।
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पश्चिम एशिया का यह संकट 28 फरवरी को शुरू हुआ था। तब अमेरिका और इस्रायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया था। इस संघर्ष की वजह से न केवल पूरे क्षेत्र में अशांति फैली, बल्कि ईधन की कीमतों में भारी उछाल आया। इससे दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई भी प्रभावित हुई है।
ऊर्जा संकट क्या बोले सर्जियो गोर?
ऊर्जा संकट पर बात करते हुए अमेरिकी दूत ने कहा कि केवल ईरान ही होर्मुज जलडमरूमध्य को रोक रहा है। वे न केवल इस रास्ते को रोक रहे हैं, बल्कि पूरी दुनिया को बंधक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र हैं और इन जहाजों का इस संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि राष्ट्रपति ट्रंप इस स्थिति को जारी नहीं रहने देंगे। ईरानी शासन की यह गैर-जिम्मेदारी अब और बर्दाश्त नहीं होगी।