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आरबीआई-केंद्र के बीच जारी टकराव को खत्म करने के लिए पीएम से मिले उर्जित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 13 Nov 2018 05:06 AM IST
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नोटबंदी पर उर्जित पटेल ने तोड़ी चुप्पी
- फोटो : self
केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बीच विभिन्न मुद्दों पर जारी टकराव को खत्म करने के लिए गवर्नर उर्जित पटेल ने 9 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। यह जानकारी सूत्रों ने दी है। सूत्रों के अनुसार, पटेल शुक्रवार को दिल्ली में थे और वह प्रधानमंत्री कार्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिले।
ऐसा कहा जा रहा है कि इन मुलाकातों में पीएम मोदी के साथ बैठक भी शामिल है। इन मुलाकातों का मकसद कैश रिजर्व को लेकर वित्त मंत्रालय और आरबीआई के बीच उत्पन्न मतभेद सुलझाना माना जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि आरबीआई छोटे एवं मझोले उद्योगों को कर्ज देने की विशेष व्यवस्था करने को तैयार हो गया है।
हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए कैश की स्थिति को आसान बनाने और आरबीआई के अपने अधिशेष में से कुछ राशि जारी करने पर कोई सहमति बनी है या नहीं। सरकार और आरबीआई के बीच स्वायत्तता के मुद्दे को लेकर तनाव इस वजह से भी बढ़ गया था क्योंकि वित्त मंत्रालय ने उसके खिलाफ सेक्शन-7 के इस्तेमाल की बात कही थी। यह सरकार को जनहित के मुद्दों पर रिजर्व बैंक गवर्नर को निर्देश देने का अधिकार देती है।
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ऐसा कहा जा रहा है कि इन मुलाकातों में पीएम मोदी के साथ बैठक भी शामिल है। इन मुलाकातों का मकसद कैश रिजर्व को लेकर वित्त मंत्रालय और आरबीआई के बीच उत्पन्न मतभेद सुलझाना माना जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि आरबीआई छोटे एवं मझोले उद्योगों को कर्ज देने की विशेष व्यवस्था करने को तैयार हो गया है।
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हालांकि यह साफ नहीं हो सका है कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के लिए कैश की स्थिति को आसान बनाने और आरबीआई के अपने अधिशेष में से कुछ राशि जारी करने पर कोई सहमति बनी है या नहीं। सरकार और आरबीआई के बीच स्वायत्तता के मुद्दे को लेकर तनाव इस वजह से भी बढ़ गया था क्योंकि वित्त मंत्रालय ने उसके खिलाफ सेक्शन-7 के इस्तेमाल की बात कही थी। यह सरकार को जनहित के मुद्दों पर रिजर्व बैंक गवर्नर को निर्देश देने का अधिकार देती है।
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