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विदेश मंत्रालय ने पाक उच्चायुक्त को सौंपे सबूत

Tue, 27 Sep 2016 09:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 27 Sep 2016 09:48 PM IST
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URI attack: MEA gives proof of attack to Basit
अब्दुल बासित - फोटो : FILE

भारत ने उड़ी आतंकी हमले के सिलसिले में दस दिन के अंदर दूसरी बार पाकिस्तान उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर नाराजगी जताई और शीघ्र कार्रवाई करने की अपील के साथ उन्हें कुछ अहम सबूत सौंपे। 

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विदेश सचिव एस जयशंकर ने इस दौरान बासित को उड़ी हमले के दो हैंडलर के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि घुसपैठ कराने में गाइड का काम करने वाले दो पाकिस्तानी नागरिक इस समय हिरासत में हैं। 
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इस दौरान भारत ने फिर से दो टूक शब्दों में कहा कि वह सीमा पार से हो रहे आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने पाक उच्चायुक्त को बताया कि प्रारंभिक जांच से खुलासा हुआ है कि उड़ी हमले में मारा गया एक आतंकी हाफिज अहमद, वल्द फिरोज, धारबांग (मुजफ्फराबाद) निवासी था, जिसके पुख्ता सबूत हैं। 
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पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के बारे में भी जानकारी दी

URI attack: MEA gives proof of attack to Basit

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने उन्हें पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान भारत ने यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान ईमानदारी से जांच के लिए तैयार है तो वह उसे आतंकियों का डीएनए सैंपल और फिंगर प्रिंट सहित कई अन्य अहम सबूत उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

बासित को बताया गया, ‘उड़ी सेक्टर के ग्रामीणों ने 21 सितंबर को पीओके के दो नागरिकों को पकड़ कर भारतीय सुरक्षा बलों के हवाले किया था जिन्होंने उड़ी के हमलावरों के लिए गाइड का काम किया था और आतंकियों को नियंत्रण रेखा से घुसपैठ कराने में मदद की थी। उनकी पहचान फैजल हुसैन अवान, 20 वर्ष, वल्द गुल अकबर, निवासी पोठा जहांगीर, मुजफ्फराबाद तथा यासीन खुर्शीद, 19 वर्ष, वल्द मोहम्मद खुर्शीद, निवासी खिलियाना कलां, मुजफ्फराबाद के रूप में हुई है। 

पूछताछ में अवान ने एनआईए को बताया कि उसने 18 सितंबर को आतंकियों को घुसपैठ कराने में मदद की थी। इसी तरह 23 सितंबर को एक अन्य पाकिस्तानी नागरिक अब्दुल कयूम, निवासी सियालकोट को भी मोलू सेक्टर में गिरफ्तार किया गया था। उसने भी कबूल किया कि उसने लश्कर-ए-ताइबा के कैंप में तीन सप्ताह का प्रशिक्षण लिया था।’

पाकिस्तान की जमीन का उपयोग होने के ठोस सबूत सौंपे गए

URI attack: MEA gives proof of attack to Basit
अब्दुल बासित - फोटो : ANI

विदेश सचिव ने वर्ष 2004 में अपनी भूमि का आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल न करने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता से पीछे हटने पर भी नाराजगी जताई। इसके साथ ही कहा कि पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पाकिस्तान को कड़ी कार्रवाई के लिए अब टालमटोल नहीं करना चाहिए। 

बासित को उड़ी आतंकी हमले में पाकिस्तान की जमीन का उपयोग होने के ठोस सबूत सौंपे गए। उन्हें इस हमले के हैंडलर मोहम्मद कबीर अवान और बशारत के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा बासित को विभिन्न आतंकी हमलों में इस्तेमाल किए गए सामान की जानकारी भी दी गई जो पाकिस्तान निर्मित थे। 

पाकिस्तान को सौंपे ये सबूत 

- उड़ी हमले में मारा गया आतंकी हाफिज अहमद, वल्द फिरोज, निवासी धारबांग (मुजफ्फराबाद)
- आतंकियों को एलओसी से घुसपैठ कराने और गाइड करने वाले दो पाकिस्तानी हैंडलर की गिरफ्तारी 
- हैंडलर की पहचान:  फैजल हुसैन अवान, 20 वर्ष, वल्द गुल अकबर, निवासी पोठा जहांगीर, मुजफ्फराबाद तथा यासीन खुर्शीद, 19 वर्ष, वल्द मोहम्मद खुर्शीद, निवासी खिलियाना कलां,     मुजफ्फराबाद 

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