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टी.जी. मोहनदास की जमानत पर घमासान: मंत्री का दावा- 'कानूनी खामी' से मिली राहत; भाजपा ने बताई बदले की कार्रवाई

Tue, 11 Aug 2026 08:35 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, तिरुवनंतपुरम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम Published by: प्रशांत तिवारी Updated Tue, 11 Aug 2026 08:35 PM IST
सार

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने मंगलवार को कहा कि दक्षिणपंथी राजनीतिक कमेंटेटर टी.जी. मोहनदास को एक 'कानूनी खामी' (लूपहोल) की वजह से जमानत मिल गई। वहीं, बीजेपी विधायक वी. मुरलीधरन ने उनकी गिरफ्तारी को राज्य सरकार की ओर से की गई 'चुनिंदा बदले की कार्रवाई' करार दिया।

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Uproar over TG Mohandas bail Kerala Minister claims relief due to legal loophole BJP calls it act of vendetta
टी.जी. मोहनदास - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरल के दक्षिणपंथी राजनीतिक कमेंटेटर टी.जी. मोहनदास को दिल्ली में नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, उन्हें उसी दिन जमानत मिल गई। इस पर स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने कहा कि अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत नहीं होने के कारण जमानत मिली और सरकार इसकी वजह की जांच कर सख्त कदम उठाएगी।  

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पुलिस ने कब किया था गिरफ्तार?
पुलिस ने मोहनदास को सोमवार सुबह गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने नई दिल्ली में नीट पेपर लीक को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के संबंध में एक वीडियो में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
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स्वास्थ्य मंत्री ने अभियोजन पक्ष के मामले पर क्या कहा?
स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें पता चला है कि अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत नहीं था। उन्होंने कहा कि सरकार इसकी वजह की जांच करेगी और उचित कदम उठाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा, 'उन पर ऐसे अपराधों के लिए मामला दर्ज किया गया था, जिनमें जमानत मिलना आसान नहीं होता, क्योंकि उन्होंने उसी तरह के बयान दिए थे। उन्हें एक कानूनी खामी की वजह से जमानत मिल गई। फिर भी, सरकार इस मामले में सख्त कदम उठाएगी।'  दूसरी ओर, बीजेपी नेता और कजाकूटम विधानसभा क्षेत्र के विधायक का मानना था कि मोहनदास की गिरफ्तारी सरकार की ओर से की गई 'चुनिंदा बदले की कार्रवाई' थी।
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मोहनदास पर किन कानूनों के तहत मामले दर्ज किए गए?
मोहनदास पर भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और केरल पुलिस अधिनियम के तहत कई अपराधों के आरोप लगाए गए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मोहनदास के द्वारा अपलोड किए गए वीडियो का मकसद सार्वजनिक शांति भंग करना और लोगों के बीच डर तथा अशांति पैदा करना था।


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वीडियो में मोहनदास ने क्या आपत्तिजनक बातें कही थीं?
वीडियो में मोहनदास ने कथित तौर पर कहा था कि दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन से 'दुष्कर्म की घटनाएं हो सकती हैं'। उन्होंने दावा किया था कि इस घटना की कोई शिकायत नहीं होगी, क्योंकि 'विरोध-प्रदर्शन में शामिल लोगों को दुष्कर्म पसंद है और ऐसी लड़कियां भी हैं जिन्हें दुष्कर्म होने में मजा आता है। उन्होंने आगे कहा था कि भले ही कुछ लोग मारे जाएं या हमेशा के लिए घायल हो जाएं, लेकिन स्थिति को कुछ ही घंटों में काबू में कर लिया जाएगा और शवों को अस्पतालों में पहुंचा दिया जाएगा।

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