Telangana: तेलंगाना में महिला छात्रावास के बाथरूम में कैमरा मिलने पर बवाल; भाजपा हमलावर, सख्त कार्रवाई की मांग
मेडचल मलकजगिरी के सीएमआर इंजीनियरिंग कॉलेज के महिला छात्रावास की छात्राओं ने आरोप लगाया था कि छात्रावास स्टाफ ने बाथरूम में उनका वीडियो रिकॉर्ड किया है। बाथरूम में कैमरे लगाकर उनके सैकड़ों वीडियो रिकॉर्ड किए गए। छात्राओं ने हॉस्टल स्टाफ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मेडचल मलकजगिरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विस्तार
तेलंगाना के मेडचल मलकजगिरी के एक इंजीनियरिंग कॉलेज के महिला छात्रावास में छात्राओं का बाथरूम में वीडियो बनाने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। छात्राओं ने छात्रावास के स्टाफ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वहीं विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। भाजपा ने घटना को गंभीर बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गुरुवार को मेडचल मलकजगिरी के सीएमआर इंजीनियरिंग कॉलेज के महिला छात्रावास की छात्राओं ने आरोप लगाया था कि छात्रावास स्टाफ ने बाथरूम में उनका वीडियो रिकॉर्ड किया है। बाथरूम में कैमरे लगाकर उनके सैकड़ों वीडियो रिकॉर्ड किए गए। छात्राओं ने हॉस्टल स्टाफ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मेडचल मलकजगिरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
#WATCH | Hyderabad, Telangana: BJP spokesperson Rachna Reddy says, "...If it's true and proven that the CMR Women's College hostel has several hidden cameras and about 300 or more hidden recordings of girls from the college etc placed there by the staff, then it is extremely… https://t.co/xwqtAKv1Zd pic.twitter.com/85ahSFL5RE
— ANI (@ANI) January 3, 2025
इसे लेकर तेलंगाना भाजपा प्रवक्ता रचना रेड्डी ने कहा कि यह सच है कि सीएमआर महिला कॉलेज के छात्रावास में कई छिपे हुए कैमरे हैं। कॉलेज की लड़कियों की लगभग 300 या उससे अधिक वीडियो रिकॉर्डिंग कर्मचारियों के पास हैं। यह महिलाओं की गरिमा से दुर्व्यवहार और हमले का बेहद भयानक और गंभीर मामला है। हालांकि यह राहत है कि तेलंगाना महिला आयोग ने पहले ही इस पर संज्ञान लिया है और सभी रिकॉर्डिंग सहित विस्तृत जांच के लिए कहा है। एक एफआईआर भी दर्ज की गई है और जांच शुरू हो गई है।
उन्होंने कहा कि जहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, जहां पढ़ने और खुद को शिक्षित करने वाली युवा लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं और उन्हें अपनी निजता में इस तरह के अत्यधिक हस्तक्षेप का सामना करना पड़ता है, उससे हल्के में नहीं निपटा जा सकता। जो भी कर्मचारी इस घटना के लिए जिम्मेदार है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।