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लोकसभा में 'यार' शब्द पर तकरार: राहुल गांधी ने संस्मरण का दिया हवाला, स्पीकर ने जताया ऐतराज
Tue, 03 Feb 2026 04:05 PM IST
राहुल कुमार
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Tue, 03 Feb 2026 04:05 PM IST
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लोकसभा
- फोटो : संसद टीवी वीडियो ग्रैब
अगस्त 2020 के लद्दाख विवाद को लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर सरकार और विपक्ष के बीच पहले से ही तीखी बहस चल रही थी। इसी बीच, लोकसभा में एक नया हंगामा तब शुरू हुआ जब विपक्ष की ओर से किसी सदस्य ने कथित तौर पर 'यार' शब्द का प्रयोग किया।
हाउस चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कांग्रेस सांसदों को फटकार लगाई। उन्होंने इसे असंसदीय और आपत्तिजनक बताया, हालांकि कांग्रेस सांसदों ने इसे गंभीरता से नहीं लेते हुए कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। कार्यकारी अध्यक्ष ने विपक्ष के नेताओं से सख्ती से कहा, "आप चेयर को यार नहीं कह सकते हैं।"
राहुल का चीन राग
इससे पहले, सुबह से सदन की कार्यवाही में रुकावट के बाद दोपहर 2 बजे जब लोकसभा फिर से शुरू हुई,तो सदन में काफी हंगामा और शोर-शराबा देखने को मिला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पूर्व थल सेना प्रमुख मनोज नरवणे की एक किताब (जो अभी प्रकाशित नहीं हुई है) से जुड़ी कुछ बातों पर चर्चा करना चाहते थे। हालांकि, हाउस चेयरमैन ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी।
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कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि जानकारी का सोर्स साबित करने के बावजूद उन्हें हाउस में बोलने नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, चेयर ने उनकी दलील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि नियम 239 के तहत, स्पीकर ने एक ऐसा फैसला दिया है जो हाउस के सदस्यों को बिना प्रमाणन या अस्पष्ट तथ्यों का जिक्र करने या उनके बारे में बोलने से रोकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने अपना आरोप जारी रखते हुए कहा कि वह सिर्फ लद्दाख में उठाए गए मुद्दे और प्रधानमंत्री मोदी ने उस पर क्या प्रतिक्रिया दी, यह उठा रहे थे। उन्होंने इस मुद्दे पर बोलने की इजाजत न मिलने का विरोध करते हुए कहा, "हमारे राष्ट्रपति का भाषण इस बारे में था कि भारत को किस रास्ते और दिशा में जाना चाहिए। वैश्विक मंच पर, मुख्य मुद्दा अमेरिका और चीन के बीच टकराव है। यह हमारे रणनीतिक हितों के लिए ज़रूरी है। मुझे इसे उठाने से क्यों रोका जाना चाहिए?"
राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे और चेयर ने बार-बार इस पर आपत्ति जताई, जिसके चलते सदन में जोरदार हंगामा और शोर-शराबा हुआ। विपक्ष के सदस्यों ने विपक्ष के नेता को बोलने और राष्ट्रीय महत्व के मामले उठाने के अधिकार से वंचित करने के चेयर के फैसले का विरोध करते हुए नारे लगाए।
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हाउस चेयरमैन के तौर पर काम कर रहे कृष्ण प्रसाद टेनेटी ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और कांग्रेस सांसदों को फटकार लगाई। उन्होंने इसे असंसदीय और आपत्तिजनक बताया, हालांकि कांग्रेस सांसदों ने इसे गंभीरता से नहीं लेते हुए कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। कार्यकारी अध्यक्ष ने विपक्ष के नेताओं से सख्ती से कहा, "आप चेयर को यार नहीं कह सकते हैं।"
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राहुल का चीन राग
इससे पहले, सुबह से सदन की कार्यवाही में रुकावट के बाद दोपहर 2 बजे जब लोकसभा फिर से शुरू हुई,तो सदन में काफी हंगामा और शोर-शराबा देखने को मिला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पूर्व थल सेना प्रमुख मनोज नरवणे की एक किताब (जो अभी प्रकाशित नहीं हुई है) से जुड़ी कुछ बातों पर चर्चा करना चाहते थे। हालांकि, हाउस चेयरमैन ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी।
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कांग्रेस सांसद ने दावा किया कि जानकारी का सोर्स साबित करने के बावजूद उन्हें हाउस में बोलने नहीं दिया जा रहा है। हालांकि, चेयर ने उनकी दलील को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि नियम 239 के तहत, स्पीकर ने एक ऐसा फैसला दिया है जो हाउस के सदस्यों को बिना प्रमाणन या अस्पष्ट तथ्यों का जिक्र करने या उनके बारे में बोलने से रोकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने अपना आरोप जारी रखते हुए कहा कि वह सिर्फ लद्दाख में उठाए गए मुद्दे और प्रधानमंत्री मोदी ने उस पर क्या प्रतिक्रिया दी, यह उठा रहे थे। उन्होंने इस मुद्दे पर बोलने की इजाजत न मिलने का विरोध करते हुए कहा, "हमारे राष्ट्रपति का भाषण इस बारे में था कि भारत को किस रास्ते और दिशा में जाना चाहिए। वैश्विक मंच पर, मुख्य मुद्दा अमेरिका और चीन के बीच टकराव है। यह हमारे रणनीतिक हितों के लिए ज़रूरी है। मुझे इसे उठाने से क्यों रोका जाना चाहिए?"
राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे और चेयर ने बार-बार इस पर आपत्ति जताई, जिसके चलते सदन में जोरदार हंगामा और शोर-शराबा हुआ। विपक्ष के सदस्यों ने विपक्ष के नेता को बोलने और राष्ट्रीय महत्व के मामले उठाने के अधिकार से वंचित करने के चेयर के फैसले का विरोध करते हुए नारे लगाए।