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यूपी के निजी स्कूलों को झटका, सुप्रीम कोर्ट का फीस अध्यादेश में दखल से इनकार

Wed, 04 Jul 2018 01:32 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 04 Jul 2018 01:32 PM IST
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UP private schools shock, Supreme Court refuses to interfere in Fees Ordinance
supreme court
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के फीस अध्यादेश में दखल देने से इनकार करते हुए निजी स्कूलों को झटका दिया है। राज्य सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए यह अध्यादेश जारी किया था जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता संगठन को हाईकोर्ट जाने के लिए कहा है।
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न्यायमूर्ति एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने इंडिपेंडेंट स्कूल फेडरेशन ऑफ इंडिया (आईएसएफआई) द्वारा उत्तर प्रदेश स्व वित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (फीस नियामक) अध्यादेश, 2018 को चुनौती देने वाली याचिका अस्वीकार कर दी। पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन को इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा है। यूपी सरकार ने 9 अप्रैल को निजी स्कूलों पर लगाम लगाने के मकसद से फीस अध्यादेश जारी कर फीस नियमित करने के नियम बनाए थे। याचिका में इस अध्यादेश को असंवैधानिक करार देते हुए इसे निरस्त करने की गुहार की गई थी। 
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याचिकाकर्ता संगठन का आरोप था कि यह अध्यादेश समानता और रोजगार की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन करता है। याचिका में अध्यादेश पर अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की गई है थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि सीबीएसई और आईसीएससी बोर्ड से संबंधित स्कूलों को पहले ही राज्य सरकार शिक्षकों की योग्यता और फीस तय करने के बारे में अनापत्ति प्रमाणपत्र दे चुकी है।
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अध्यादेश में क्या थे प्रस्ताव

प्रस्ताव पास हुआ था कि निजी स्कूल हर साल 7-8 फीसदी से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकते। इसके साथ ही 12वीं तक एक ही बार एडमिशन फीस ली जा सकेगी। यह भी फैसला किया गया था कि वाहन, होस्टल, भ्रमण और कैंटीन की वैकल्पिक सुविधा लेने पर ही शुल्क देना होगा। हर तरह के शुल्क की रसीद देना स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा।
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