UP Politics: बसपा के गढ़ में शाह का दौरा, इस बार न हो चूक, इसलिए पहले से बन रही बड़ी प्लानिंग
UP Politics: भाजपा के चलते अमित शाह उत्तर प्रदेश में अपने दो दिवसीय दौरे पर 16-17 जनवरी को मौजूद रहेंगे। जानकारी के मुताबिक अमित शाह अंबेडकरनगर और बलरामपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे...
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अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा राजनीतिक बिसात पर अपने सभी मोहरे चाक-चौबंद कर लेना चाहती है। भाजपा के बड़े कद्दावर नेताओं का उत्तर प्रदेश (UP Politics) में दौरा तय हो गया है। इसी कड़ी में गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश पहुंचने वाले हैं। अमित शाह अपने उत्तर प्रदेश के दौरे में बसपा के मजबूत किले वाली सीटों पर जाएंगे। यह वह सीटें हैं जिसमें भाजपा लोकसभा के चुनाव में बसपा से सीटें हार गई थी। भाजपा के रणनीतिकारों का कहना है कि इस बार कोई चूक ना हो इसलिए उन सभी कमजोर सीटों पर भाजपा अपनी पहले से ही मजबूत फील्डिंग सजा रही है।
16-17 जनवरी को दौरा
केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह उत्तर प्रदेश में अपने दो दिवसीय दौरे पर 16-17 जनवरी को मौजूद रहेंगे। जानकारी के मुताबिक अमित शाह अपने उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे में पूर्वांचल की सियासी जमीन को मजबूत करने पहुंचेंगे। इस दौरान अमित शाह अंबेडकरनगर और बलरामपुर में भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे। दरअसल अंबेडकर नगर और बलरामपुर की श्रावस्ती लोकसभा सीट पर 2019 में भाजपा चुनाव हार गई थी और दोनों सीटों पर बहुजन समाज पार्टी में कब्जा जमा लिया था। यही नहीं, 2022 के विधानसभा चुनावों में भी अंबेडकर नगर लोकसभा क्षेत्र की पांचों विधानसभा सीटों पर भाजपा चुनाव हार गई थी। भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अमित शाह इन दोनों महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जाने वाले हैं।
इसके अलावा अमित शाह सहारनपुर और बिजनौर का दौरा करने वाले हैं। यह दोनों लोकसभा सीटें बहुजन समाज पार्टी के हिस्से की सीटें हैं। भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इन दोनों जिलों में जाकर अमित शाह पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों से ना सिर्फ मुलाकात करेंगे, बल्कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर दिशा निर्देश भी जारी करेंगे। 2019 के लोकसभा चुनावों में तमाम कोशिशों के बाद भी सियासी जमीन पर भाजपा को यहां नुकसान हुआ था। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि 2019 के लोकसभा चुनावों में सपा बसपा गठबंधन के चलते कई सीटों पर सियासी समीकरण बिगड़ गए थे। क्योंकि इस बार फिलहाल अभी ऐसे कोई समीकरण नजर नहीं आ रहे हैं इसलिए भाजपा अभी से अपनी सियासी जमीन को मजबूत करने में जुट गई है।
शाह के बाद नड्डा का दौरा
दरअसल उत्तर प्रदेश में भाजपा को मजबूत करने के लिए अमित शाह ने 2013 में जब से जिम्मेदारी ली है, तब से पार्टी का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। यही वजह है कि अमित शाह उन सभी सीटों पर सियासी समीकरणों को दुरुस्त करने के लिए उत्तर प्रदेश के दौरे पर पहुंचने वाले हैं ताकि आने वाले चुनावों में कोई कमी ना रहे। भाजपा से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के मुताबिक इस बार उत्तर प्रदेश में पार्टी लोकसभा के चुनावों में अपना सारा रिकॉर्ड तोड़ कर सबसे ज्यादा सीटों को जीतने का लक्ष्य रखने वाली है। यही वजह है कि भाजपा आने वाले चुनावों से पहले सियासी जमीन को हर स्तर पर न सिर्फ मजबूत कर रही है, बल्कि उन सभी कमजोर पहलुओं को भी दुरुस्त कर चुनावी समीकरणों से सब कुछ बेहतर करने की योजना बना रही है।
पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी प्रदेश का दौरा करने वाले हैं। इसके अलावा कई केंद्रीय मंत्रियों को भी अब लगातार उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में और क्षेत्रों में मंत्रालय की योजनाओं को देखने समझने और जनता को सौंपने के लिए जाने का कार्यक्रम बनाया जा रहा है। पार्टी से जुड़े वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि पार्टी 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों के मद्देनजर अपनी सभी तैयारियों के लिहाज से पूरी तरीके से सक्रिय है। पार्टी के भूत कर्यकर्ताओं का एक बड़ा सम्मेलन अलग-अलग क्षेत्रों में भी किया जाना है। इन सम्मेलनों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी शिरकत करनी है।