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UP: योगी मंत्रिमंडल में विस्तार से सजेगी 2027 की रणनीति, संगठन-सरकार में साधे जाएंगे जातीय समीकरण
Mon, 05 Jan 2026 08:40 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 05 Jan 2026 08:40 PM IST
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सीएम योगी।
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा ने यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि प्रदेश के मंत्रिमंडल में जल्द ही बड़ा फेरबदल होगा। यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्रियों केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के भी दिल्ली में होने से इस चर्चा को बल मिल रहा है कि पार्टी बड़े बदलाव पर गहराई के मंथन कर रही है। इस बदलाव में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधे जाएंगे।
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योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल में कई मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं तो कुछ को मंत्रिमंडल से हटाकर संगठन में लाया जा सकता है। जातीय संतुलन साधने के लिए कुछ वर्गों के प्रमुख चेहरों को मंत्रिमंडल में लाया जा सकता है। पार्टी की केंद्रीय इकाई में भी बड़ा बदलाव होना है। संभावना है कि यूपी के कुछ नेताओं को पार्टी की केंद्रीय इकाई में लाया जा सकता है, जबकि कुछ नेताओं को प्रदेश में विशेष जिम्मेदारी के तौर पर भेजा जा सकता है।
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भाजपा-जदयू गठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव में शानदार सफलता हासिल की थी। एनडीए गठबंधन की इस सफलता के पीछे पार्टी का ज्यादा बड़ा जातीय गठजोड़ बनाना सबसे अहम माना जाता है। पार्टी अपने उसी अनुभव को यूपी में भी लागू कर लोकसभा चुनाव में खिसके जनाधार को एक बार फिर वापस लाकर प्रदेश में 2017 और 2022 की सफलता को हासिल करना चाहती है।
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ब्राह्मणों को साधने पर जोर, एससी-एसटी-ओबीसी को भी साथ लाने का प्लान
पंकज चौधरी को पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बनाकर यह संकेत दे दिया था कि वह समाजवादी पार्टी के पीडीए प्लान को ध्वस्त करने के लिए बड़ी योजना पर काम कर रही है। इस रणनीति का विस्तार प्रदेश संगठन और सरकार के विस्तार में भी दिखाई पड़ेगा। लेकिन इसके साथ ही वह अपने कोर वोट बैंक ब्राह्मण-ठाकुर को भी साधने का काम करेगी।