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यूपी चुनाव 2022: शाह के आगाज से 'मिशन' की शुरुआत, लेकिन इन दिक्कतों से कैसे निपटेंगे योगी आदित्यनाथ?

Sun, 31 Oct 2021 12:02 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Sun, 31 Oct 2021 12:02 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही महीनों का वक्त बचा है, लेकिन यहां सत्ता में बड़े बदलाव की अटकलें लगातार चलती रहती हैं। लखनऊ में भाजपा के कई बड़े नेता मानते हैं कि उत्तराखंड, कर्नाटक और गुजरात की ही तरह उत्तर प्रदेश की सत्ता में भी बड़ा बदलाव हो सकता है।

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UP Elections 2022: Keshav Prasad Maurya ambition cm Yogi
सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या

विस्तार

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का शुक्रवार (29 अक्तूबर) को लखनऊ में जोरदार स्वागत हुआ। पूरा शहर भाजपा और अमित शाह के पोस्टर, बैनर, कटआउट और इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन से पटा रहा। दरअसल, 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा जोर आजमाइश के मूड में आ चुकी है, जिसकी झलक पार्टी के दिग्गज नेताओं के भाषणों में नजर आने लगी है। वैसे तो इन चुनावों की तैयारी योगी आदित्यनाथ को चेहरा बनाकर की जा रही है, लेकिन उनके सामने अंदरूनी दिक्कतें होने के भी तमाम दावे किए जा रहे हैं। इस संबंध में विपक्षी नेता भी तंज कसने से नहीं चूक रहे हैं। 

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पार्टी के एक मंत्री ने कही यह बात
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अगले विधानसभा चुनाव के लिए अपने कामकाज का हवाला दे रही है। माना जा रहा है कि जनता भी काफी हद तक योगी सरकार के पक्ष में है, जिसका इनाम उन्हें सीएम पद के चेहरे के रूप में मिल भी गया। हालांकि, उनके रास्ते में कई अंदरूनी रुकावटें हैं, जो सीएम योगी को दिक्कत दे सकती हैं। दरअसल, प्रदेश सरकार के एक ओबीसी कबीना मंत्री का कहना है कि 2017 की तरह इस बार भी चुनाव में कमान केशव प्रसाद मौर्य के पास होनी चाहिए थी। मंत्री का बयान सीएम योगी के लिए भविष्य की मुसीबत के तौर पर देखा जा रहा है। 
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विपक्षी भी कस रहे तंज
बता दें कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उत्तर प्रदेश सरकार पर लगातार तंज कस रहे हैं। उन्होंने तो यहां तक कहा कि डबल इंजन की सरकार में इंजन आपस में टकराने लगे हैं। माना जाता है कि अखिलेश का इशारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की ओर है। राजनीतिक गलियारों में कई बार इन दोनों दिग्गज नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद होने की अटकलें सामने आईं। हालांकि, दोनों ने ही अब तक स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं कहा है। 
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क्या यूपी में भी हो सकता है बदलाव?
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही महीनों का वक्त बचा है, लेकिन यहां सत्ता में बड़े बदलाव की अटकलें लगातार चलती रहती हैं। लखनऊ में भाजपा के कई बड़े नेता मानते हैं कि उत्तराखंड, कर्नाटक और गुजरात की ही तरह उत्तर प्रदेश की सत्ता में भी बड़ा बदलाव हो सकता है। एक कैबिनेट मंत्री तो यहां तक कहते हैं कि गुजरात में मुख्यमंत्री के साथ-साथ सभी मंत्रियों को भी बदल दिया गया। ऐसा फैसला तो आजाद भारत के बाद उन्हें कोई भी याद नहीं है। अब गुजरात में सब ठीक चल रहा है। उत्तराखंड में काफी कुछ ठीक हो गया। कर्नाटक में येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद पार्टी और सरकार दोनों की छवि मजबूत हुई है। इन सभी सरकारों की तुलना में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का कामकाज शीर्ष पर है, लेकिन छुट्टा गाय-बछड़े, सांड़ और गौवंश का मुद्दा और पेट्रोलियम उत्पादों के बढ़ते दाम सीएम योगी के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। 

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