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विरासत की सियासतः चुनाव बेटे-बेटियों का, इम्तिहान पिताओं का

Sat, 11 Mar 2017 11:35 AM IST
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल
amarujala.com- Written by : हरेन्द्र सिंह मोरल Updated Sat, 11 Mar 2017 11:35 AM IST
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UP election: Who will passed in legacy of politics

यूपी का चुनावी रण अपने अंजाम की ओर है, अंतिम चरण की वोटिंग समाप्त हो चुकी है, अब बस इंतजार है तो परिणामों का। चुनावों में चार हजार से ज्यादा उम्‍मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है तो कुछ सीटें ऐसी भी हैं जहां उम्‍मीदवारों के साथ साथ उनके परिजनों की साख भी दांव पर लग गई है। ये वो सीटें हैं जहां से बड़े नेताओं ने अपने बेटे-बेटियों को चुनावी रण में उतारा है ऐसे में विरासत की सियासत को संभालने का जिम्मा उनके कंधों पर आ गया है। आइए डालते हैं ऐसे उम्‍मीदवारों पर एक निगाह। 

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विरासत की सियासतः चुनाव बेटे-बेटियों का, इम्तिहान पिताओं का

UP election: Who will passed in legacy of politics
पंकज सिंह - फोटो : amarujala

यूपी के रण में जिन सीटों पर सबसे ज्यादा निगाह टिकी हुई है वो है दिल्‍ली से लगते नोएडा विधानसभा की सीट, जहां से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के बेटे पंकज सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी के प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह के लिए पार्टी ने यहां से अपनी मौजूदा विधायक विमला बाथम का टिकट भी काट दिया। इस सीट के वीआईपी वजूद का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंकज के प्रचार के लिए कई केंद्रीय मंत्री गली गली जाकर उनके लिए वोट मांग रहे हैं।

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UP election: Who will passed in legacy of politics
संदीप सिंह - फोटो : amarujala

अलीगढ़ की अतरौली सीट भी हॉट सीट बनी हुई है, जहां से भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री और राजस्‍थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह को उम्‍मीदवार बनाया है। यह सीट कल्याण सिंह और उनके परिवार की पारंपरिक सीट मानी जाती है। कल्याण के बाद उनकी पुत्रवधु यहां से जीतती रही हैं, इस बार उनके बेटे संदीप सिंह मैदान में हैं। लीड्स विश्वविद्यालय से पढ़ाई कर लौटे संदीप सिंह राजनीति को समाज सेवा का जरिया मानते हैं।

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UP election: Who will passed in legacy of politics
मृगांका सिंह - फोटो : amarujala

वेस्ट यूपी की ही कैराना विधानसभा सीट पर भी सबकी निगाहें जमी हुई हैं भाजपा ने यहां से सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को उम्‍मीदवार बनाया है तो उनके मुकाबले में हैं सपा के नाहिद हसन। यहां मुकाबला काफी रोचक बना हुआ है रालोद ने यहां से अनिल चौहान को उम्‍मीदवार बनाया है जो रिश्ते में हुकुम सिंह के भतीजे लगते हैं। 

विरासत की सियासतः चुनाव बेटे-बेटियों का, इम्तिहान पिताओं का

UP election: Who will passed in legacy of politics
रुद्रसेन - फोटो : amarujala

कैराना की ही नजदीकी गंगोह सीट पर भी मुकाबला रोचक बना हुआ है जहां से गुर्जरों के कद्दावर नेता रहे और कांग्रेस में बड़ा कद रखने वाले यशपाल सिंह के बेटे रुद्रसेन चुनावी मैदान में हैं। उनका मुकाबला कांग्र्रेस उम्‍मीदवार प्रदीप चौधरी से है। 

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UP election: Who will passed in legacy of politics
अब्दुल्ला खान - फोटो : amarujala

वेस्ट की ही रामपुर की स्वार सीट भी हॉट सीट बनी हुई है जहां से सपा सरकार के कद्दावर मंत्री आजम खान के बेटे अब्दुल्ला खान चुनाव लड़ रहे हैं। पिता रामपुर से 9 बार के विधायक हैं तो मां राज्यसभा सांसद। आजम के सामने भी परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने की चुनौती है।

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UP election: Who will passed in legacy of politics
उत्कर्ष मौर्या - फोटो : amarujala

बसपा सरकार में वरिष्ठ मंत्री रहे और अब भाजपा का दामन थाम चुके स्वामी प्रसाद मौर्या भी अपने बेटे को पार्टी से टिकट दिलाने में सफल रहे हैं। उनके बेटे उत्कर्ष मौर्या को पार्टी ने ऊंचाहार सीट से उम्‍मीदवार बनाया है। बेटे के साथ साथ इस सीट पर स्वामी प्रसाद मौर्या की इज्जत भी दांव पर लगी हुई है और पार्टी में उनका भविष्य भी। 

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अब्बास अंसारी - फोटो : amarujala

बाहुबली मुख्तार अंसारी को लेकर सपा में बेशक फूट पड़ गई हो लेकिन बसपा ने उन्हें पार्टी में लेने में एक पल की देरी नहीं की। यही नहीं पार्टी ने उनके बेटे अब्बास अंसारी को भी घोसी सीट से उम्‍मीदवार बना दिया। पूर्वांचल के मुस्लिम वोटों पर अच्छी खासी पकड़ रखने वाले मुख्तार अंसारी के सामने बेटे को जिताने की चुनौती तो है ही खुद का वजूद साबित करने का दारोमदार भी है। 

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UP election: Who will passed in legacy of politics
अदिति सिंह - फोटो : amarujala

रायबरेली की सदर सीट से कई बार के विधायक रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और अखिलेश सिंह ने यहां से अपनी बेटी को टिकट तो दिला दिया लेकिन अब उसे जिताने की कड़ी चुनौती उनके सामने है। बेटी अदिति सिंह ने विदेश में पढ़ाई पूरी कर पिता के पेशे को ही अपनाने का फैसला लिया। 

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UP election: Who will passed in legacy of politics
प्रतीक - फोटो : amarujala

भाजपा के लोकसभा सदस्य और बाहुबली सांसद ब्रजभूषण सिंह के बेटे प्रतीक को भाजपा ने गोंडा से अपना उम्‍मीदवार बनाया है। बसपा सहित कई पार्टियों में रहे ब्रजभूषण खुद तो मोदी लहर में संसद जाने में सफल रहे लेकिन अब बेटे को विधानसभा भेजने की मुश्किल चुनौती उनके सामने है। 

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UP election: Who will passed in legacy of politics
अमनमणि - फोटो : amarujala

कवियत्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड में जेल में बंद बसपा सरकार के पूर्व मंत्री अमर मणि ने राजनीतिक पहुंच के चलते अपने बेटे अमनमणि को महाराजगंज जिले की नौटवाना सीट से एक बार तो सपा का टिकट दिला दिया लेकिन दूसरी बार अखिलेश द्वारा जारी लिस्ट में उनका नाम साफ हो गया। जिसके बाद पत्नी की हत्या में जेल में बंद अमनमणि ने निर्दलीय उम्‍मीदवार के तौर पर ताल ठोंक दी। अब बाप बेटे दोनों जेल में बंद हैं लेकिन अमनमणि के चुनाव पर अमरमणि की इज्जत दांव पर लगी है जिन्हें बसपा सरकार में काफी ताकतवर माना जाता था। 

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UP election: Who will passed in legacy of politics
गोपाल टंडन - फोटो : amarujala

प्रदेश के पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन तो खुद सक्रिय राजनीति से दूर हैं लेकिन उन्होंने अपने बेटे गोपाल टंडन को चुनावी मैदान में उतार दिया है। गोपाल लखनऊ पूर्व सीट से उम्‍मीदवार हैं। लखनऊ के सांसद रहे लालजी के सामने बेटे को जिताने के साथ साथ खुद का वजूद बचाए रखने की चुनौती भी है। 

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UP election: Who will passed in legacy of politics
वीरेन्द्र यादव - फोटो : amarujala

गाजीपुर जिले की जंगीपुर सीट से सपा सरकार में मंत्री और पार्टी के संस्‍थापक सदस्य रहे कैलाश यादव के बेटे वीरेन्द्र यादव चुनावी मैदान में हैं। उनके पिता यहां से कई बार विधायक रहे हैं ऐसे में उनके सामने पिता की विरासत बचाए रखने की चुनौती है। 

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