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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Up election 2022: In third phase, voting at crucial 59 seats of the Yadav belt of Bundelkhand and West and Central Uttar Pradesh. In 2017 BJP had won 49 seats out of these 59 seats

उत्तर प्रदेश चुनाव: तीसरे चरण में बुंदेलखंड और मध्य यूपी की यादव पट्टी अहम, भाजपा को सीटें बचाने और सपा को सीटें बढ़ाने की चुनौती

Sat, 19 Feb 2022 06:05 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Sat, 19 Feb 2022 06:05 PM IST
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सार
तीसरे चरण में जहां सत्ताधारी भाजपा अपनी सीटें बरकरार रखने के लिए मैदान में उतरी है। तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव को अपने गढ़ में पार्टी की खोई हुए साख को बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसीलिए सपा प्रमुख खुद मैनपुरी जिले की करहल सीट से मैदान में उतरे हैं और उनके चाचा शिवपाल यादव इटावा के जसवंतनगर सीट से ताल ठोक रहे हैं। हाल ही में इन दोनों सीटों पर प्रचार के लिए सपा के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव भी पहुंचे थे...
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Up election 2022: In third phase, voting at crucial 59 seats of the Yadav belt of Bundelkhand and West and Central Uttar Pradesh. In 2017  BJP had won 49 seats out of these 59 seats
अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ - फोटो : Amar Ujala (File Photo)

विस्तार

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दो चरणों के बाद अब तीसरे चरण का मतदान 20 फरवरी को होने जा रहा है। सूबे की राजनीति के हिसाब से यह चरण सत्ता की दहलीज पर पहुंचने की दशा और दिशा तय करने वाला माना जा रहा है। पश्चिमी यूपी की 113 सीटों पर खत्म हुए चुनाव के बाद बुंदेलखंड और पश्चिम और मध्य उत्तर प्रदेश की यादव बेल्ट की अहम 59 सीटों पर वोटिंग होगी। पिछले चुनाव में भाजपा ने इन्हीं 59 सीटों में 49 सीटों पर अपनी जीत दर्ज की थी। जिसके जरिए उसे सत्ता की दहलीज तक पहुंचने में आसानी हुई थी।

भाजपा और सपा दोनों के लिए चुनौती

2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जहां जबरदस्त प्रदर्शन किया था। पिछले तीन दशक में किसी भी पार्टी के लिए इस चरण में यह सबसे बड़ी जीत थी। सत्ता में रहने के बावजूद समाजवादी पार्टी ने अपने गढ़ में सबसे खराब प्रदर्शन किया था। सपा को महज नौ सीटों पर जीत हासिल हो सकी थी। जबकि कांग्रेस को मात्र एक सीट से ही संतोष करना पड़ा था। वहीं, बहुजन समाज पार्टी का खाता तक नहीं खुला था। बदलाव और मोदी लहर पर सवार होकर चुनावी मैदान में उतरी भाजपा ने समाजवादी पार्टी को उनके ही यादव बेल्ट में जबरदस्त शिकस्त दी थी। इसलिए यह तीसरा चरण सत्ता की दशा और दिशा तय करने वाला है, बताया जा रहा है।



तीसरे चरण में जहां सत्ताधारी भाजपा अपनी सीटें बरकरार रखने के लिए मैदान में उतरी है। तो दूसरी तरफ अखिलेश यादव को अपने गढ़ में पार्टी की खोई हुए साख को बचाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसीलिए सपा प्रमुख खुद मैनपुरी जिले की करहल सीट से मैदान में उतरे हैं और उनके चाचा शिवपाल यादव इटावा के जसवंतनगर सीट से ताल ठोक रहे हैं। हाल ही में इन दोनों सीटों पर प्रचार के लिए सपा के वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव भी पहुंचे थे। यहां रोड शो के जरिए मुलायम सिंह ने बेटे अखिलेश और भाई शिवपाल के लिए वोट मांगे थे।

दोनों दलों ने चले अपने दांव

2017 के चुनावों में सपा को एटा, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद, झांसी, ललितपुर, औरैया, महोबा, कानपुर देहात जैसे जिलों में करारी हार का सामना करना पड़ा था। जबकि 2012 के विधानसभा चुनाव में इन जिलों में सपा ने क्लीन स्वीप किया था। 2012 चुनाव में तीसरे चरण की 59 सीटों में से सपा 37 सीटें जीती थी जबकि 2017 में महज नौ सीटों से संतोष करना पड़ा था।

2017 में अखिलेश यादव और शिवपाल के बीच चली वर्चस्व की लड़ाई में सपा को खामियाजा भुगतना पड़ा था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। चाचा शिवपाल भी अपने भतीजे के पक्ष में वोट मांगते नजर आ रहे हैं। पिछले चुनाव में भाजपा ने गैर यादव और ओबीसी कार्ड खेला था जो सही साबित हुआ था। वहीं शाक्य और लोध वोट भी भाजपा के पक्ष में ही गए थे। लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी ने इन वोटों को अपने पाले में लाने के लिए सियासी गठजोड़ भी किए हैं। सपा ने शाक्य समाज वोटों के लिए महान दल के साथ गठबंधन कर रखा है, जिसका आधार इसी इलाके में है।


फिरोजाबाद, हाथरस, मैनपुरी, एटा और कासगंज, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, झांसी, हमीरपुर, कानपुर देहात और ललितपुर जिले को भले ही यादव बेल्ट कहा जाता है, लेकिन शाक्य, कुर्मी और लोध वोटर भी काफी अहम है। इसीलिए भाजपा ने अपने सहयोगी अपना दल (एस) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल को चुनाव प्रचार में लगा रखा है। तीसरे चरण की चार सीटों पर अनुप्रिया की पार्टी चुनाव लड़ रही जबकि पांच सीटों पर भाजपा के प्रत्याशी। वही अखिलेश यादव ने अपने सहयोगी महान दल के प्रमुख केशव देव मौर्य को इस इलाके में चुनाव प्रचार पर लगा रखा है और उनकी पत्नी को फर्रुखाबाद जिले से प्रत्याशी बनाया है।

ये प्रमुख चेहरे है मैदान में

तीसरे चरण में 16 जिलों की 59 सीटों पर 20 फरवरी को मतदान होगा। इस चरण में हाथरस, फिरोजाबाद, एटा, इटावा, मैनपुरी, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, कानपुर नगर, जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर और महोबा में चुनाव होगा। मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा। इस दौर में 2.16 करोड़ मतदाता 627 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद करेंगे।

इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का नाम प्रमुख है, जो मैनपुरी जिले की करहल सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहां से भाजपा ने केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल को उतारा है। वहीं योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री सतीश महाना कानपुर की महराजपुर, रामनरेश अग्निहोत्री मैनपुरी के भोगांव और नीलिमा कटियार कल्याणपुर से चुनाव मैदान में हैं। अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव की हार-जीत भी इस चरण में तय होगी। वो इटावा की जसवंतनगर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

जबकि कानपुर की किदवई नगर सीट से वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय कपूर चुनाव मैदान में हैं। फर्रुखाबाद सीट से पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। बसपा छोड़कर भाजपा में आए विधायक रामवीर उपाध्याय हाथरस की सादाबाद सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

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