यूपी चुनाव: भाजपा के पास गिनाने के लिए काफी कुछ तो सपा ने भी कर ली है घेरने की पूरी तैयारी
भाजपा के पास अनुच्छेद 370, राम मंदिर, बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर और हिन्दुत्व का एजेंडा है। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे, विकास का एजेंडा और नारा-सोच ईमानदार, काम दमदार के साथ भाजपा के सामने गढ़ बचाने की तो सपा के सामने वापस पाने की चुनौती है।
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पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 जिले हैं। 28 जिलों की 164 विधानसभा सीटों में से 2017 में 115 भाजपा के खाते में चली गई थी। इसे अपने पाले में बनाए रखने के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सपा के गढ़ आजमगढ़ में बड़ी शुरुआत की है। 16 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने वाले हैं। कुल मिलाकर तैयारी 115 सीटों की संख्या को बढ़ाने की है। जवाब में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अखिलेश यादव ने पूरा जोर लगा दिया है। उनके प्रमुख रणनीतिकार संजय लाठर विजय रथ यात्रा के बहाने पूर्वी उत्तर प्रदेश को लेकर खास प्लानिंग कर रहे हैं।
शनिवार को जब अमित शाह आजमगढ़ में पार्टी का झंडा बुलंद कर रहे थे तो समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव की विजय रथ यात्रा में गोरखपुर निकाल रहे थे। समाजवादी पार्टी इस रथ यात्रा में लोगों के उत्साह से फूले नहीं समा रही थी। अखिलेश यादव की अब पूर्वांचल को लेकर खास तैयारी है। वह 15 नवंबर के बाद से फिर दो दिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में डटे रहेंगे। वह गाजीपुर में रहकर भाजपा को चुनौती देंगे। पूर्वी उत्तर प्रदेश में सपा का एजेंडा 2012 में पूर्वी उत्तर प्रदेश में सपा को मिली सीटें वापस पाने और इनकी संख्या बढ़ाने की है। इसके लिए वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके गढ़ गोरखपुर में झटका देने की तैयारी कर रहे हैं।
भाजपा के पास हिन्दुत्व से लेकर गिनाने के लिए काफी कुछ है
भाजपा के उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री सुनील बंसल की टीम ने काफी तैयारी कर रखी है। टीम के युवा नेताओं को लग रहा है कि 2022 में पूर्वी उत्तर प्रदेश का परिणाम 2017 से भी अच्छा जाएगा। ज्ञानेश्वर शुक्ला कहते हैं कि 2017 में हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि के ही सहारे थे। इस बार हमारे पास प्रधानमंत्री मोदी की छवि के साथ योगी आदित्यनाथ की राज्य सरकार का दमदार काम है।
शुक्ला कहते हैं कि बनारस में बाबा विश्वनाथ परिसर, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, प्रदेश को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, किसान पथ। प्रदेश को चमचमाती सड़क स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय काफी कुछ मिला है। फिर सबसे बड़ी बात। भाजपा सरकार ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 को हटाया है। भाजपा नेता अमित सिंह कहते हैं कि सूबे में भाजपा सरकार का काम बोल रहा है। अब अपराध और गुंडाराज की 2017 से पहले वाली तस्वीर नहीं है। इसलिए पार्टी ने नारा दिया है- सोच ईमानदार, काम दमदार। वह कहते हैं कि छह महीने बाद हम फिर सत्ता में लौटेंगे और इस बार भाजपा 300 के पार जाएगी।
इतना भ्रम में क्यों रहती है भाजपा- संजय लाठर
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने सहयोगी संजय लाठर पर काफी भरोसा करते हैं। लाठर कहते हैं कि भाजपा खुद भी भ्रम में रहती है और प्रदेश की जनता को भी भ्रम में रखती है। इस बार जनता सूबे में भाजपा की सरकार को बदलने का मन बना चुकी है। लाठर कहते हैं कि हमारी विजय रथ यात्रा की भीड़ तो देखिए। हमें कहने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। यह भीड़ प्रदेश सरकार के कामकाज से जनता के त्रस्त होने के कारण आ रही है।
लाठर के मुताबिक, प्रदेश की योगी सरकार केवल रंग-रोगन करके सपा के काम को अपना बताने में जुटी है। इससे भाजपा को कोई फायदा नहीं होगा। वह कहते हैं कि भाजपा, बसपा के तमाम विधायक समाजवादी पार्टी में आने के लिए बेताब हैं। विधायकों, भाजपा नेताओं की यह भगदड़ ही जमीनी हालात को बताने के लिए काफी है।
समाजवादी पार्टी के नेता सुशील दूबे कहते हैं कि आजमगढ़ में अमित शाह आए थे। उनके राजनीतिक हमले का केन्द्र समाजवादी पार्टी थी। वह कहते हैं कि भाजपा के नेता समाजवादी पार्टी की जमीनी मजबूती को बखूबी समझ रहे हैं। भाजपा ने अपनी कमजोरी को केवल प्रचार तंत्र के सहारे ढक रखा है।