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सीबीआई ने माना, उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ लगे बलात्कार के आरोप सही
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 11 May 2018 09:16 AM IST
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बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर
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राजनीतिक रूप से संवेदनशील उन्नाव गैंगरेप मामले में सीबीआई जांच ने पीड़िता के आरोप की पुष्टि की है कि बीजेपी के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पिछले साल 4 जून को उत्तर प्रदेश के माखी गांव में अपने घर पर उसके साथ बलात्कार किया था, जबकि उनकी महिला सहयोगी शशि सिंह रूम के बाहर गार्ड बनकर खड़ी थी।
सूत्रों ने बताया कि पीड़िता ने अपने साथ हुए गैंगरेप में यूपी के बांगरमऊ के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का लगातार नाम लिया था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने विधायक और कुछ अन्य आरोपियों ने नाम को 20 जून को दर्ज प्राथमिकी और इसके बाद दायर आरोपपत्र में नहीं लिखा।
केंद्रीय एजेंसी ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता का बयान दर्ज किया है, जहां वो अपने बयान पर कायम रही। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज बयान अदालत में सबूत माने जाते हैं।
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एक सीबीआई अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने लड़की की मेडिकल जांच में भी देरी की और योनि के स्वैब या उसके कपड़े को फॉरेंसिक प्रयोगशाला में नहीं भेजा। उन्होंने कहा, "यह सब जानबूझकर और आरोपियों के साथ मिलीभगत से हुआ।"
सीबीआई ने 13-14 अप्रैल को गिरफ्तार किए गए सेंगर, शशि सिंह और अन्य आरोपी से लंबी पूछताछ की। सीबीआई विधायक को बचाने में पुलिस की भागीदारी से जुड़े आधे-अधूरे सिरों को आपस में जोड़ रही है।
यूपी सरकार ने भाजपा विधायक को बचाने में उन्नाव पुलिस के किए गए कथित कोशिशों पर मचे कोहराम के बाद मामले की जांच सीबीआई के हवाले किया था।
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सूत्रों ने बताया कि पीड़िता ने अपने साथ हुए गैंगरेप में यूपी के बांगरमऊ के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का लगातार नाम लिया था, लेकिन स्थानीय पुलिस ने विधायक और कुछ अन्य आरोपियों ने नाम को 20 जून को दर्ज प्राथमिकी और इसके बाद दायर आरोपपत्र में नहीं लिखा।
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केंद्रीय एजेंसी ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता का बयान दर्ज किया है, जहां वो अपने बयान पर कायम रही। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज बयान अदालत में सबूत माने जाते हैं।
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एक सीबीआई अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने लड़की की मेडिकल जांच में भी देरी की और योनि के स्वैब या उसके कपड़े को फॉरेंसिक प्रयोगशाला में नहीं भेजा। उन्होंने कहा, "यह सब जानबूझकर और आरोपियों के साथ मिलीभगत से हुआ।"
सीबीआई ने 13-14 अप्रैल को गिरफ्तार किए गए सेंगर, शशि सिंह और अन्य आरोपी से लंबी पूछताछ की। सीबीआई विधायक को बचाने में पुलिस की भागीदारी से जुड़े आधे-अधूरे सिरों को आपस में जोड़ रही है।
यूपी सरकार ने भाजपा विधायक को बचाने में उन्नाव पुलिस के किए गए कथित कोशिशों पर मचे कोहराम के बाद मामले की जांच सीबीआई के हवाले किया था।