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Unnao Case: सुप्रीम कोर्ट से कुलदीप सिंह सेंगर को करारा झटका, अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश किया रद्द

Fri, 15 May 2026 11:58 AM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Fri, 15 May 2026 11:58 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने 2017 उन्नाव दुष्कर्म मामले में पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा पर रोक लगाने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। इससे पहले सीबीआई की अपील पर शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी। पढ़ें, सुप्रीम कोर्ट ने मामले में क्या निर्देश दिया है...

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Unnao Case: Supreme Court sets aside Delhi High Court order, Kuldeep Singh Sengar, SC quashes Delhi HC order
सुप्रीम कोर्ट से कुलदीप सिंह सेंगर को करारा झटका - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा निलंबित की गई थी। यह मामला 2017 के उन्नाव दुष्कर्म से जुड़ा है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंगर को अंतरिम जमानत देते हुए सजा निलंबित कर दी थी।
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सीबीआई ने फैसले के खिलाफ दायर की थी अपील
केंद्रीय जांच ब्यूरो ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो की अपील पर हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। अब शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। यह फैसला दुष्कर्म पीड़िता के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कुलदीप सिंह सेंगर को 2019 में इस मामले में दोषी ठहराया गया था। उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। यह मामला देश भर में काफी चर्चा में रहा था।
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सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिए निर्देश?
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह फैसला सुनाया। पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट को मामले पर नए सिरे से विचार करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट को दो महीने के भीतर इस मामले पर फैसला करना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट उसके इस फैसले से प्रभावित न हो। उसे स्वतंत्र रूप से सभी पहलुओं पर विचार करना चाहिए।

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क्या है पूरा मामला?
कुलदीप सिंह सेंगर पर 2017 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का आरोप लगा था। इस मामले में सेंगर को दोषी पाया गया था। उन्हें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई गई थी। यह मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर काफी संवेदनशील रहा है।

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