अनम्यूट भारत: चंद्रशेखर की दो-टूक, तीन राज्यों की शर्त के कारण टूटा था कांग्रेस से गठबंधन, 2027 में क्या शर्त?
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2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन लगभग तय हो चुका था, लेकिन एक शर्त पर बात टूट गई। शर्त यह थी कि गठबंधन होगा तो उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब तीनों राज्यों में होगा, किसी एक राज्य में नहीं। यह खुलासा आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने अमर उजाला के विशेष पॉडकास्ट अनम्यूट भारत में किया। उन्होंने बताया कि लोकसभा में एक मुलाकात के दौरान प्रियंका गांधी ने उनसे पूछा था, आप मुझसे नाराज हो, अपनी बहन से?
2027 के चुनाव से पहले यह खुलासा इसलिए अहम है क्योंकि चंद्रशेखर ने भाजपा विरोधी गठबंधन मजबूत करने की गेंद कांग्रेस के पाले में डाल दी है। उन्होंने कहा कि वह प्रियंका को हमेशा दीदी कहते रहे हैं, उनसे नाराज नहीं हैं और राजनीति में न स्थायी दोस्त होता है न स्थायी दुश्मन। लेकिन साथ ही यह भी जता दिया कि इस बार भी शर्तें वही तय करेंगे। चंद्रशेखर ने बताया कि पहली ही बातचीत में उन्होंने साफ कर दिया था कि गठबंधन तीनों राज्यों में होगा।
कांग्रेस की ओर से कहा गया कि पहले यूपी की बात पक्की कर लेते हैं, उत्तराखंड और पंजाब बाद में देखेंगे। चंद्रशेखर के मुताबिक, मैं सहारनपुर में खड़े होकर यह नहीं कह सकता कि वोट इन्हें दो और 20 किलोमीटर दूर हरिद्वार में वही पार्टी हमारे खिलाफ खड़ी हो। नीट विवाद पर छात्रों के आंदोलन में चंद्रशेखर ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय खुद को दिया। उन्होंने दावा किया कि जंतर-मंतर पर जब भीड़ पर गोली, पैलेट गन और आंसू गैस चल रही थी, तब बच्चों और पुलिस के बीच सिर्फ वह खड़े थे, युवाओं को सपने दिखाने वाले नेता नदारद थे। उन्होंने बताया कि वह तीन दिन संसद में बैठे रहे, 23 तारीख को प्रेस क्लब में ऐलान किया कि आंदोलन दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा और 25 तारीख को लखनऊ में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और नीट सुधार की मांग वाले प्रदर्शन में शामिल हुए, वहीं उन्हें इस्तीफे की खबर मिली।
सबसे अच्छी मुख्यमंत्री बहनजी, पर रिश्ता उन्होंने तोड़ा
बसपा प्रमुख मायावती से कड़वाहट भरे रिश्ते के बावजूद चंद्रशेखर ने एक सवाल पर उन्हें ही यूपी की सर्वश्रेष्ठ सीएम बताया। मायावती के इस आरोप कि नगीना में ईवीएम ने जिताया, उन्होंने पूछा- क्या सिर्फ नगीना में चुनाव हुआ था। मायावती के रिश्ता न रखने वाले बयान पर उन्होंने कहा कि मैंने मन से सामाजिक रिश्ता माना था, उन्होंने मना कर दिया, बात खत्म।
ओवैसी के साथ आए तो विपक्ष की जमानत भी नहीं बचेगी
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ गठजोड़ के उनके संकेत को इंडिया ब्लॉक पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। गठजोड़ की चर्चा पर उन्होंने कहा कि दलित, पिछड़ा और मुस्लिम एकजुट हुए और पर्याप्त हिस्सेदारी मिली तो उत्तर प्रदेश में विपक्ष में जो जाएगा, उसकी जमानत नहीं बचेगी, यह लिखकर देता हूं।
गठबंधन पर इंडिया ब्लॉक को साफ संदेश
गठबंधन पर चंद्रशेखर ने इंडिया ब्लॉक के सामने अपनी कीमत साफ रख दी। राहुल गांधी या अखिलेश यादव के न्योते पर उन्होंने कहा कि बिना मुद्दों और हिस्सेदारी पर बात के कोई गठबंधन नहीं होगा। कांग्रेस और सपा इंडिया गठबंधन में रहते हुए भी एक दूसरे से सीटें मांगते हैं, तो हम अपनी हिस्सेदारी क्यों न लें।