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Independence Day: एनजीओ की अनूठी पहल इस 15 अगस्त को शराब छोड़ो, अगले साल से बच्चों के लिए स्कॉलरशिप लो
Mon, 15 Aug 2022 05:24 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, पुणे।
एजेंसी, पुणे।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 15 Aug 2022 05:24 AM IST
सार
खेतिहर मजदूर 40 साल के मोहन कोपणार को दो बेटियां और एक बेटा है। वे कई वर्षों से शराब के आदी हैं, लेकिन इस पहल में उन्हें अपने बच्चों का भविष्य सुधरता दिख रहा है, इसलिए वे 15 अगस्त को गांव वालों के सामने शराब त्यागने की घोषणा करेंगे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
महाराष्ट्र के 100 से अधिक गांवों में इस स्वतंत्रता दिवस पर जो शराबी पूरे गांव के सामने आकर नशा छोड़ने का प्रण लेगा और इसे पूरा करेगा, उसके बच्चों को अगले साल यानी 15 अगस्त, 2023 से स्कॉलरशिप मिलेगी। सोलापुर की पंचायत समिति कर्माला ने कुछ गैर सरकारी संगठनों के साथ यह पहल की है।
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यहां के खंड विकास अधिकारी मनोज राउत ने कहा, ‘बोतल को लात मारना चाह रहे शराबियों को पूरे गांव के सामने शपथ लेनी होगी कि वे कभी शराब नहीं पीएंगे। इस पर कायम रहे तो उनके बच्चों को स्कॉलरशिप के रूप में इसका पुरस्कार मिलेगा। उस व्यक्ति का भी पूरे गांव के सामने सम्मान होगा।’ राउत ने कहा कि तहसील के 105 गांवों को स्कीम के बारे में बताया गया है।
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ग्राम पंचायतों को जागरूकता बढ़ाने को कहा है ताकि ज्यादा लोग प्रण ले सकें। शराब सेहत को तो नुकसान पहुंचाती ही है, लेकिन गांवों और गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से भी तबाह करती है। सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों के शिक्षण को होता है। उन्हाेंने उम्मीद जताई कि अपने बच्चों के भविष्य के लिए शराब के आदी लोग यह स्कीम अपनाएंगे।
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नाम लिखवाने आ रहे लोग
कुछ लोग अभी से प्रण लेने वालों में नाम लिखवा रहे हैं। गौंडारे गांव के ग्राम सेवक बापू दौंडे ने बताया ग्राम सभा में इस स्कीम की घोषणा के समय कई लोग जानकारी लेने आ रहे हैं। स्कीम से जुड़े एक एनजीओ के अध्यक्ष गणेश कारे पाटिल ने कहा कि उनका एनजीओ स्कॉलरशिप के रूप में बच्चों की शिक्षण सामग्री का खर्च उठाएगा।
बच्चों का भविष्य सुधरता दिख रहा
खेतिहर मजदूर 40 साल के मोहन कोपणार को दो बेटियां और एक बेटा है। वे कई वर्षों से शराब के आदी हैं, लेकिन इस पहल में उन्हें अपने बच्चों का भविष्य सुधरता दिख रहा है, इसलिए वे 15 अगस्त को गांव वालों के सामने शराब त्यागने की घोषणा करेंगे। उनके परिजन इस कदम से खुश हैं। मोहन कहते हैं, ‘मैं जानता हूं शराब छोड़ना मुश्किल होगा। लेकिन अपने बच्चों के लिए दृढ़ता दिखानी होगी।’