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Lok Sabha: 'विपक्ष का व्यवहार गैरजिम्मेदाराना', PM के भाषण के दौरान विपक्ष की नारेबाजी पर बोले केंद्रीय मंत्री

Tue, 02 Jul 2024 10:01 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 02 Jul 2024 10:01 PM IST
सार

Lok Sabha: लोकसभा में प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान नारेबाजी को लेकर केंद्रीय मंत्रियों किरेन रिजिजू, चिराग पासवान, राम मोहन नायडू और पीयूष गोयल ने विपक्ष पर पलटवार किया। केंद्रीय मंत्रियों ने विपक्षी नेताओं के व्यवहार की निंदा की। 

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Union Ministers On opposition raising slogans during PM Narendra Modi's speech in the Lok Sabha
लोकसभा में पीएम मोदी। (फाइल) - फोटो : ANI

विस्तार

लोकसभा सत्र के दूसरे दिन भी विपक्षी सदस्यों की भारी हंगामा जारी रहा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर जवाब देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उठे, विपक्ष की ओर से नारेबाजी शुरू हो गई। यह नारेबाजी उनके भाषण खत्म होने तक जारी रही। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष की नारेबाजी की निंदा की।  

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रिजिजू ने कहा, प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष की प्रतिक्रिया निंदनीय है। कांग्रेस को बोलने के लिए तीन घंटे 48 मिनट का समय दिया गया। जब उन्हें अपने सांसद को बोलने का मौका देना चाहिए था, तो उन्होंने उन्हें बोलने नहीं दिया और जब पीएम बोलने के लिए उठे, तो उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मणिपुर के सांसद को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा, काग्रेस को ऐसे संवेदनशील मामले का राजनीतिकरण करने के लिए मणिपुर के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। मुझे नए संसद सदस्यों के लिए खेद है। वे कैसे सीखेंगे? जब प्रधानमंत्री बोल रहे होते हैं तो संसदों को यह सुनने का मौका नहीं दिया जा रहा है कि वह क्या कह रहे हैं। 
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विपक्ष को तीन बार सजा दे चुकी जनता : पीयूष गोयल
प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान विपक्षी की नारेबाजी को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, भारत के लोग पहले ही उन्हें तीन बार सजा दे चुके हैं। झूठ और झूठ के अलावा उनके पास के लिए कुछ नहीं था। उन्होंने मालूम था कि प्रधानमंत्री उनके झूठ को दुनिया के सामने उजागर करेंगे। यही वजह है कि वे चर्चा से भागना चाहते थे। अगर उन्हें प्रधानमंत्री के भाषण के बारे में कुछ कहना था तो उन्हें उसी तरह से जवाब देना चाहिए था, जैसे हमने कल उनके झूठ का जवाब दिया था। 
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'कल मणिपुर के सांसदों को बोलने की अनुमति नहीं दी'
गोयल ने कहा, उनका इरादा पूर्वोत्तर पर चर्चा होने देने, मणिपुर मुद्दे को उठाने की अनुमति देने का कभी नहीं था। उन्होंने मणिपुर के सांसद को कल  पूरे समय बोलने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने आवंटित समय में से एक घंटे से ज्यादा समय तक बात की। यह शर्मनाक बात है कि विपक्ष के नेता भी भाषण नहीं सुन रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष एक बच्चे की तरह व्यवहार कर रहे हैं और इस बचकाने व्यवहार से कांग्रेस और उनके सहयोगियों को भारत के लोगों की नजरों में भरोसा खोना पड़ेगा। 

मणिपुर मुद्दे का राजनीतिकरण करना चाहती है कांग्रेस: राम मोहन नायडू
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, आज हमने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ताकत स्पष्ट रूप से देखी है। कांग्रेस ने जिस तरह का व्यवहार किया वह बहुत निराशाजनक है। अगर वे मणिपुर पर बात करना चाहते थे। तो मणिपुर से कांग्रेस के दो सांसद हैं, उन्हें बोलने के लिए समय आवंटित कर सकते थे। यह स्पष्ट रूप से बताता है कि काग्रेस इस मुद्दे के साथ राजनीतिक करना चाहती है। अगर उन्होंने प्रधानमंत्री की बात सुनी होती, तो वे समझ जाते कि वह क्या कह रहे हैं। कल जब राहुल गांधी  बोल रहे थे तो प्रधानमंत्री ध्यान से सुन रहे थे और कोई हंगामा नहीं हो रहा था। 

विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना, तथ्यों की कमी: चिराग पासवान
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा, प्रधानमंत्री केवल तथ्यों को सामने रख रहे थे। विपक्ष का गैर जिम्मेदाराना व्यवहार केवल तभी दिखता है, जब तथ्यों और तर्कों की कमी होती है। अगर मणिपुर उनकी मुख्य प्राथमिकता थी, तो उन्होंने राहुल गांधी के बाद मणिपुर के अपने सांसदों को बोलने का मौका देना चाहिए था। 


कांग्रेस पार्टी सच को सुनने को तैयार नहीं : धर्मेंद्र प्रधान
वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, कांग्रेस पार्टी ने आज देश की संसदी प्रणाली को शर्मसार किया है। उन्होंने मणिपुर के अपने संसद सदस्य को बोलने का मौका नहीं दिया। राहुल गांधी 90 मिनट के भाषण में मणिपुर के अपने नेता को मौका दे सकते थे। कांग्रेस पार्टी सच सुनने को तैयार नहीं थी। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण को बाधित करने की साजिश रछी। नेता प्रतिपक्ष के कल के व्यवहार की जितनी भी आलोचना की जाए, वह काफी नहीं है। हम कांग्रेस पार्टी से उम्मीद करते हैं कि वह देश के लोकतंत्र के हित में अपने खराब व्यवहार पर लगाम लगाएगी। उन्होंने कहा, पीएम मोदी ने आज नीट के बारे में बात की। राष्ट्रपति ने अपने भाषण में नीट का जिक्र किया था और आज प्रधानमंत्री ने भी इसका जिक्र किया। कल राज्य सभा में भी इस पर चर्चा होगी। 
 

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