अनुच्छेद 370 : लोगों को जागरूक करने जम्मू-कश्मीर जाएंगे 36 केंद्रीय मंत्री
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के बाद अब इसके सकारात्मक प्रभावों के बारे में लोगों को बताने के लिए एक नई पहल शुरू करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के सकारात्मक प्रभावों और क्षेत्र के लिए सरकार के विकास कदमों के बारे में लोगों को अवगत कराने के लिए केंद्रीय मंत्रियों का एक समूह इस महीने के अंत में जम्मू कश्मीर के दौरे पर जायेगा।
36 Union Ministers to visit Jammu & Kashmir from 18th-25th January to spread initiatives & policies of the government with regard to development of the UT & people, especially in the last 5 months, after the abrogation of Article 370 & bifurcation of J&K into Union Territories.
— ANI (@ANI) January 15, 2020विज्ञापन
केन्द्र सरकार के 36 मंत्री जम्मू-कश्मीर जाएंगे
इसमें कुल 36 मंत्री शामिल होंगे और इनका दौरा 18 से 25 जनवरी तक होगा। मंत्रियों के जम्मू कश्मीर यात्रा कार्यक्रम को 17 जनवरी को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक बैठक में अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि यह यात्रा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की एक पहल है और मंत्रालय इसमें समन्वय कर रहा है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के 19 जनवरी को केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर की यात्रा किए जाने की उम्मीद है।
18-24 जनवरी के बीच में सरकार के विभिन्न विभागों के 36 केन्द्रीय मंत्री (केन्द्रीय मंत्री, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और राज्यमंत्री) राज्य का दौरा करेंगे। इसमें केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, किरण रिजिजू, श्रीपद नाइक, गिरिराज सिंह समेत तमाम मंत्री होंगे। ये मंत्री राज्य में दो दिन, तीन दिन कुछ मंत्री तीन से अधिक दिन तक रहकर राज्य के लोगों, सिविल सोसाइटी के लोगों से मिलेंगे। राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाएंगे।
मंत्री सुरक्षा अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों से मिलेंगे। सबका हालचाल जानने के साथ-साथ दु:ख दर्द का भी साझा करेंगे। केन्द्र सरकार के एक केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि इससे सभी मंत्री न केवल राज्य की ताजा स्थिति से अवगत होंगे, बल्कि राज्य के उत्तरोत्तर विकास में अपने विभाग की भूमिका को भी दिशा देंगे। ताकि राज्य के लोगों, युवाओं समेत अन्य में विश्वास बहाली के साथ-साथ देश के विकास की मुख्यधारा में तेजी से शामिल होने की इच्छाशक्ति को मजबूती दी जा सके।