वार : रविशंकर प्रसाद बोले- महाराष्ट्र में जो हो रहा वो 'विकास' नहीं 'वसूली'
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मुंबई के पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को लेकर चल रहे विवाद की बाहरी एजेंसी से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
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केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि महाराष्ट्र में जो हो रहा वो 'विकास' नहीं 'वसूली' है। उन्होंने कहा कि भारत के इतिहास में ये पहली बार हुआ कि किसी पुलिस कमिश्नर ने लिखा कि राज्य के गृह मंत्री जी ने मुंबई से 100 करोड़ रुपये महीना वसूली का टार्गेट तय किया है। जब एक मंत्री का टार्गेट 100 करोड़ रुपये है तो बाकी के मंत्रियों का कितना होगा?
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जी ने कुछ दस्तावेजों के साथ कहा है कि ट्रांसफर और पोस्टिंग के नाम पर भी वसूली चल रही थी। वो भी छोटे मोटे ऑफिसर्स की ही नहीं बल्कि बड़े बड़े आईपीएस ऑफिसर्स की भी। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जैसे राज्य में बड़े अधिकारियों की पोस्टिंग में वसूली हो रही है, तो हमें लगा मुख्यमंत्री कार्रवाई करेंगे। लेकिन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय, एक ईमानदारी महिला अधिकारी को सिविल डिफेंस का डीजीपी बना दिया।
उन्होंने कहा कि सचिन वाजे सस्पेंडेड था, करीब 15-16 वर्षों तक, वो शिवसेना का सदस्य बनता है। उसे कोरोना काल में रीइंस्टेट करते हैं। उसके बाद उन्हें ही 100 करोड़ वसूली का टार्गेट दिया जाता है। एक उद्योगपति के घर के सामने जो गाड़ी मिली है, उसकी एनआईए जांच कर रही है, उस गाड़ी का तथाकथित मालिक मृत पाया जाता है, तो उसकी जांच को क्यों रोका जा रहा है? उन्होंने कहा कि मैं शरद पवार जी से कहना चाहूंगा कि आप कृपया देश को बताएं कि गलत तथ्यों के आधार पर आपको महाराष्ट्र के गृहमंत्री को क्यों डिफेंड करना पड़ा?
पवार की राजनीतिक साख पर लगा बड़ा धब्बा : प्रसाद
प्रसाद ने कहा कि एनआईए ने अनुरोध किया है कि मनसुख हिरेन की मौत की जांच हमें दे दी जाए, वो जांच महाराष्ट्र सरकार ने अब तक एनआईए को नहीं दी है। इस पूरे मामले की व्यापक जांच क्यों नहीं होनी चाहिए। महाराष्ट्र सरकार को कौन चला रहा है? इस वसूली अघाड़ी की राजनीतिक दिशा क्या है? शरद पवार जी की ऐसी क्या मजबूरी है कि वो गृह मंत्री देशमुख का इतना बचाव कर रहे हैं वो भी गलत तरीके से।
उन्होंने कहा कि दो दिनों में शरद पवार जी की राजनीतिक साख पर जो बहुत बड़ा धब्बा लगा है, उसका एकमात्र रास्ता है कि शरद पवार अनिल देशमुख का इस्तीफा कराएं। उद्धव ठाकरे की सरकार शासन का नैतिक अधिकार खो चुकी है।
गृह सचिव से मिलकर फडणवीस ने सौंपे सबूत
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने दिल्ली में मंगलवार को गृह सचिव से मुलाकात कर उन्हें सबूत सौंपते हुए प्रकरण पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने गृह सचिव अजय भल्ला से मुलाकात के बाद कहा कि मेरे पास जो जानकारी थी वो गृह सचिव को सौंप दी है।
प्रसाद ने पवार की चुप्पी पर उठाए थे सवाल
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बीते रविवार को भी मुंबई के पुलिस अधिकारी सचिन वाजे को लेकर चल रहे विवाद की बाहरी एजेंसी से स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। प्रसाद ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि वाजे 'महज सहायक निरीक्षक हैं' और उनका बचाव विधानसभा के अंदर और बाहर खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे कर रहे हैं।
उन्होंने मामले में राकांपा प्रमुख शरद पवार की 'चुप्पी' पर भी सवाल उठाए, जबकि उनकी पार्टी के सहयोगी और गृह मंत्री अनिल देशमुख पर पुलिसकर्मियों से 'हर महीने सौ करोड़ रुपये डांस बार आदि से उगाहने' के लिए कहने के आरोप लगे हैं।
प्रसाद ने कहा था कि महाराष्ट्र में महा विकास आघाड़ी का गठन शासन करने के इरादे से नहीं, बल्कि लूटने के इरादे से हुआ है। भाजपा इस मुद्दे को काफी जोरदार तरीके से उठाने जा रही है और जल्द ही सड़कों पर उतरेगी।