Karnataka: केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का एक बार फिर CM सिद्धारमैया पर हमला, कहा- मैं अपने ISIS वाले बयान...
कर्नाटक में हिंदू कार्यकर्ता श्रीकांत पुजारी को लेकर सियासी बवाल जारी है। इसी मामले को लेकर एक बार फिर प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर तंज कसा है।
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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर हमला बोलते हुए कहा था कि वह आईएसआईएस की तरह कर्नाटक सरकार चला रहे हैं। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज हो गई है।विवाद बढ़ने के बाद भी जोशी ने साफ कह दिया है कि वह अपनी बात पर कायम हैं।
यह है मामला
गौरतलब है, कर्नाटक में हिंदू कार्यकर्ता श्रीकांत पुजारी को लेकर सियासी बवाल जारी है। इसी मामले को लेकर प्रह्लाद जोशी ने सिद्धारमैया पर तंज कसा था। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को कहा था कि, 'सीएम सिद्धारमैया का कहना है कि श्रीकांत पुजारी के खिलाफ 16 मामले लंबित थे. लेकिन, क्या अब सिद्धारमैया माफी मांगेंगे? जिन्होंने आपको बताया कि 16 मामले लंबित हैं, उनके खिलाफ आप क्या कार्रवाई करेंगे। एक समुदाय को खुश करने के लिए आप किस हद तक एक समुदाय को निशाना बनाने जा रहे हैं? यह तुष्टिकरण का प्रतीक है। सरकार आईएसआईएस की तरह चल रही है। जैसे अफगानिस्तान में तालिबान अपनी सरकार चला रहा है। सिद्धारमैया इसी तरह कर्नाटक में अपनी सरकार चला रहे हैं।'
कांग्रेस को किसने...
विवाद होने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा है, वह उससे इनकार नहीं कर रहे हैं। वह अभी भी अपनी बात पर हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह कांग्रेस सरकार व्यवहार कर रही है, उसे किसने अधिकार दिया है? पुजारी के खिलाफ कोई 16 मामले लंबित नहीं है।
#WATCH | On his reported statement that Karnataka CM Siddaramaiah is running the government like ISIS, Union Minister Pralhad Joshi says, "I don't deny whatever I have told. The way in which this Congress Government is behaving, who has authorised that?..." pic.twitter.com/CnYqEPGFco
— ANI (@ANI) January 8, 2024
श्रीकांत पुजारी को मिली जमानत
हुबली की एक सत्र अदालत ने शुक्रवार यानी पांच जनवरी को हिंदू कार्यकर्ता श्रीकांत पुजारी को जमानत दे दी। पुलिस ने दिसंबर 1992 में बाबरी विध्वंस के बाद हुए दंगों से जुड़े एक मामले में उन्हें गिरफ्तार किया था। पुजारी की गिरफ्तारी के बाद राज्य में सियासी तूफान खड़ा हो गया था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जहां उनकी रिहाई को लेकर राज्यभर में प्रदर्शन किया था। वहीं, सत्तारूढ़ कांग्रेस ने इसे कानून-व्यवस्था का हिस्सा बताया था। अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत के न्यायाधीश परमेश्वर प्रसन्ना बी ने जमानत देने का आदेश दिया था। सरकारी वकील ने गुरुवार को आपत्तियां दर्ज कराई थीं और दावा किया था कि पुजारी कई अन्य मामलों में वांछित है और अदालत की सुनवाई में शामिल होने से बच रहा है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पुजारी को बताया था संदिग्ध
विपक्षी भाजपा राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े 31 साल पुराने मामले में गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थी और उनकी रिहाई की मांग कर रही थी। भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर हिंदुओं के प्रति सख्त होने और अल्पसंख्यक तुष्टिकरण में लिप्त होने का आरोप लगाया था। वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया था। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पुजारी को एक संदिग्ध बताया था और कहा था कि वह अवैध शराब बिक्री, जुआ और मटका सहित 16 असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहा है।
कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर भाजपा ने दी तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने पुजारी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कहा था कि यह अयोध्या में राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से कुछ दिन पहले 31 साल पुराने मामले को फिर से खोलने के पीछे राज्य सरकार की मंशा को दिखाता है। वहीं, भाजपा नेता डीवी सदानंद गौड़ा ने पूछा था कि मामलों को बंद करना, क्या यह कानूनी सीमाओं के दायरे में था?