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सम्मेलन: केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा- परियोजनाओं के अटकने की चिंता न करें निवेशक
Sat, 18 Dec 2021 02:18 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 18 Dec 2021 02:18 AM IST
सार
निवेशकों को उनके सुरक्षित निवेश पर आश्वासन देते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि अब किसी भी परियोजना के ठप होने की संभावना शून्य है।
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Nitin Gadkari
- फोटो : PTI
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विस्तार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में राजमार्गों और सड़कों को सुधारने का काम तेजी गति से चल रहा है। उन्होंने राजमार्ग, परिवहन और रसद में निवेश के अवसरों पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि आज निवेशक सड़क परियोजनाओं में निवेश पर रिटर्न या उनके ठप होने की चिंता न करें।
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रिलायंस की एक निविदा को अस्वीकार कर दिया था
निवेशकों को उनके सुरक्षित निवेश पर आश्वासन देते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि अब किसी भी परियोजना के ठप होने की संभावना शून्य है। सम्मेलन में कहा कि यह आयोजन मुझे 1990 की दशक में मेरे राज्य मंत्री के रूप में समय की याद दिलाता है जब मैंने मुंबई-पुणे एक्सप्रेस हाईवे के लिए रिलायंस की एक निविदा को अस्वीकार कर दिया था।
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तो धीरूभाई अंबानी इसके अस्वीकार होने से परेशान हो गए। यहां तक कि मेरे मंत्री सहयोगी और मुख्यमंत्री (मनोहर जोशी) भी मुझसे नाराज थे। साथ ही बालासाहेब ठाकरे ने मुझसे पूछा कि मैंने उस बोली को क्यों खारिज कर दिया।
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धन की मांगने के लिए हर बड़े और छोटे निवेशक के पास जाते थे
नितिन गडकरी ने आगे बताया कि मैंने उनसे कहा, मैं जनता से पैसे जुटाऊंगा और एक्सप्रेस-वे, वर्ली-बांद्रा सीलिंक और शहर में 52 अन्य फ्लाईओवर का निर्माण करूंगा और वे सभी मुझ पर हंसे। हालांकि, मुख्यमंत्री जोशी ने उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति दी, जिससे महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) का निर्माण हुआ।
यह दोहराते हुए कि पैसे की कोई कमी नहीं है, गडकरी ने याद किया कि कैसे वह और एमएसआरडीसी के पहले प्रबंध निदेशक आरसी सिन्हा विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए धन जुटाने हर बड़े और छोटे निवेशक के पास जाते थे। इसके बाद कहा कि अब निवेशक हमारे पास आते हैं।
नितिन गडकरी को रतन टाटा ने कहा स्मार्ट
जब जल्द ही एमएसआरडीसी 500 करोड़ रुपये जुटाने के लिए पूंजी बाजार में गया, लेकिन 1,160 करोड़ रुपये जुटाए। दूसरी बार जब वह 650 करोड़ रुपये जुटाना चाहती थी, तो एमएसआरडीसी ने 1,100 करोड़ रुपये जुटाए। मंत्री गडकरी ने कहा कि रतन टाटा ने भी मुझसे कहा कि मैं उनसे ज्यादा स्मार्ट हूं क्योंकि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए बाजार से इतना पैसा जुटाया जा सकता है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एनएचएआई किसी निविदा को मंजूरी तब तक नहीं देता जब कि 90 फीसदी भूमि अधिग्रहण नहीं हो जाती और वन विभाग और रेलवे सहित सभी मंजूरी मिल नहीं जाती। इसलिए अब परियोजनाओं के ठप होने की कम से कम संभावना है।