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मांडविया बोले: ज्यादा सब्सिडी वाली यूरिया का दुरुपयोग करने पर होगी कार्रवाई, निर्माता-विक्रेता होंगे जिम्मेदार

Wed, 13 Sep 2023 04:21 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 13 Sep 2023 04:21 AM IST
सार

रूस की कंपनियों ने भारत को उर्वरक पर छूट देना बंद कर दिया है। वैश्विक आपूर्ति में मुश्किल होने के कारण रूसी कंपनियों ने डीएपी जैसी खाद पर छूट देना बंद कर दिया है। अब वे बाजार मूल्य पर भारत को खाद बेच रही हैं।

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Union minister Mandaviya said Action will be taken against misuse of highly subsidised urea
मनसुख मंडाविया - फोटो : ट्विटर/मनसुख मंडाविया

विस्तार

सरकार ने किसानों से रबी के मौसम में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग 20 फीसदी तक कम करने को कहा है। ज्यादा सब्सिडी वाले यूरिया के दुरुपयोग के दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें निर्माता, विक्रेता और खरीदार सभी शामिल होंगे। इसकी जगह वैकल्पिक फसल पोषक तत्वों का उपयोग किया जाना चाहिए।
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रसायन व उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने वर्चुअल कार्यक्रम में कहा, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के ज्यादा उपयोग से मिट्टी की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य प्रभावित होता है। अब नैनो-तरल यूरिया, नैनो-तरल डीएपी, जैव-उर्वरक व फॉस्फेट रिच ऑर्गेनिक खाद जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।
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मांडविया ने प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र संचालकों, अन्य डीलरों व उर्वरक कंपनियों को ज्यादा सब्सिडी वाली यूरिया को लेकर चेतावनी दी। कृषि ग्रेड यूरिया के डायवर्जन पर रोक लगाने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है। सरकार ने छह माह में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है। अब वित्त और वाणिज्य जैसे अन्य मंत्रालयों के साथ इसे और ज्यादा मजबूत किया जाएगा।
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भारत को रियायत पर डीएपी नहीं देंगी रूसी कंपनियां
रूस की कंपनियों ने भारत को उर्वरक पर छूट देना बंद कर दिया है। वैश्विक आपूर्ति में मुश्किल होने के कारण रूसी कंपनियों ने डीएपी जैसी खाद पर छूट देना बंद कर दिया है। अब वे बाजार मूल्य पर भारत को खाद बेच रही हैं। रूस के इस कदम से भारत के लिए खाद का आयात महंगा हो सकता है और सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ जाएगा।

दुनियाभर में तेजी से बढ़ीं खाद की कीमतें
दुनियाभर में खाद की कीमत में तेजी आई है। चीन इसका सबसे बड़ा निर्यातक है और वह दूसरे देशों में बिक्री में कटौती करने की कोशिश कर रहा है। उद्योग के एक अधिकारी ने कहा कि अब कोई छूट नहीं मिल रही है। डीएपी, यूरिया और एनपीके खाद पर भारत को छूट मिलने से 31 मार्च को खत्म वित्त वर्ष में रूस से भारत का खाद आयात 246% बढ़कर 43.5 लाख टन रहा।

रूसी कंपनियां पहले डीएपी पर प्रति टन 80 डॉलर तक छूट दे रही थीं। लेकिन अब पांच डॉलर की भी छूट नहीं मिल रही है। रूसी डीएपी की कीमत अभी 570 डॉलर प्रति टन है जो दूसरे एशियाई देशों के बराबर है। दुनिया में खाद की कीमत में पिछले दो महीने में काफी तेजी आई है।  जुलाई में यूरिया की कीमत करीब 300 डॉलर प्रति टन थी जो अब 400 डॉलर पहुंच गई। जुलाई में डीएपी की कीमत भी 440 डॉलर प्रति टन थी।  


दो लाख तक होगा पीएमकेएसके 
1.6 लाख पीएम किसान समृद्धि केंद्र उर्वरक, बीज और कृषि उपकरणों के लिए वन-स्टॉप शॉप चालू हो गए हैं। जल्द ही यह 2 लाख हाेंगे। पीएमकेएसके वन स्टॉप सेंटर की बजाय जल्द ही किसानों की समृद्धि के लिए एक संस्थान बन जाएगा। कंपनियों, सहकारी समितियों और डीलरों द्वारा संचालित 3.3 लाख से अधिक खुदरा उर्वरक दुकानों को पीएमकेएसके में परिवर्तित करने की योजना है। उर्वरक विभाग ने प्लाईवुड और अन्य उद्योगों को अत्यधिक सब्सिडी वाले यूरिया के डायवर्जन पर रोक लगाने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार की है। इसमें दोषियों को जेल की सजा भी हो सकती है।
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