Gujarat: रिजिजू बोले- भारत का वास्तविक आकार कहीं अधिक विस्तृत; कभी कंधार और हिमालय से परे हमारा प्रभाव था
गुजरात के पोरबंदर जिले में माधवपुर मेले के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सांस्कृतिक एकीकरण की शुरुआत की है। माधवपुर मेले जैसे जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को एक साथ लाते हैं और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के सिद्धांत की पुष्टि करते हैं।
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केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने भारत की सांस्कृतिक महत्ता को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति का प्रभाव क्षेत्र देश की मौजूदा भौतिक सीमाओं से कहीं अधिक व्यापक है। गुजरात के पोरबंदर जिले में माधवपुर मेले के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सांस्कृतिक एकीकरण की शुरुआत की है। माधवपुर मेले जैसे जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को एक साथ लाते हैं और 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के सिद्धांत की पुष्टि करते हैं।
किरेन रिजिजू ने कहा कि आज जो हम भारत देखते हैं, जो वर्तमान में जो भारत का मानचित्र देखते हैं, वास्तविकता में भारत का आकार इससे कहीं ज्यादा बड़ा है। कई कारण हैं जिसकी वजह से भारत का आकार सीमित हो गया। हिमालय के उस पार कैलाश पर्वत, मानसरोवर झील, आज का भारत तिब्बत सीमा, चीन के साथ लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल, इससे कहीं अंदर तक हम लोग जाते हैं। वहां कैलाश मानसरोवर है, वहां तक हमारी सांस्कृतिक विरासत है।
उन्होंने कहा कि भारत का सांस्कृतिक फैलाव बहुत बड़ा है, लेकिन हम समझते नहीं हैं। पीएम मोदी की सरकार के सत्ता में आने के बाद भारत की सांस्कृतिक विरासत को पहचानने और आगे बढ़ाने का काम किया गया। 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के मंत्र के साथ भारत की भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान को लोगों तक पहुंचाने का काम किया गया।
#WATCH | Many people are not aware that the actual size of India is much bigger than what we see today. There are many reasons that we were reduced to our present size otherwise we had influence beyond Kandahar,Takshashila, Indonesia&Himalayas: Union Minister Kiren Rijiju (30.03) pic.twitter.com/BJaXhkBA71
— ANI (@ANI) March 31, 2023