Portal for Pensioners: पेंशनभोगियों के लिए जितेंद्र सिंह कल करेंगे पोर्टल लॉन्च, SBI बना पहला पेंशन वितरण बैंक
केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्री जितेंद्र सिंह पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता करेंगे और इसे लॉन्च करेंगे। बयान में कहा गया है कि पेंशनभोगियों का पोर्टल, पेंशनभोगियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एकल खिड़की है।
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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पेंशनभोगियों की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से एक एकीकृत पोर्टल लॉन्च करने जा रहे हैं। सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में ये बात कही गई है। भारतीय स्टेट बैंक पहला पेंशन वितरण बैंक बन गया है जिसने अपने पोर्टल को पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) के पोर्टल के साथ एकीकृत किया है और यह मंगलवार को लॉन्च का हिस्सा होगा। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि विभाग ने पेंशनभोगियों की शिकायतों का मूल कारण का विश्लेषण किया जिसमें पता चला कि उनमें से अधिकांश बैंक से संबंधित शिकायतें थीं।
कर्मचारियों के लिए कार्यशालाएं आयोजित
इसके बाद बैंकरों के जागरूकता कार्यक्रम की एक नई योजना शुरू की गई, जिसमें पेंशनभोगियों के लिए डीओपीपीडब्ल्यू द्वारा किए गए नवीनतम उपायों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बैंकों के पेंशन से निपटने वाले कर्मचारियों के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। डीओपीपीडब्ल्यू वर्ष 2020, 2021 और 2022 के लिए पुरस्कार विजेताओं को उनके लेखन के लिए सम्मानित करने के लिए मंगलवार को नई दिल्ली में अनुभव पुरस्कार समारोह आयोजित करेगा। अनुभव पोर्टल सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए अपने अनुभव साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
पेंशनभोगियों का पोर्टल जरूरतों के लिए एकल खिड़की
30 सितंबर, 2022 तक 92 मंत्रालयों/विभागों/संगठनों ने अनुभव पोर्टल पर पंजीकरण किया है और 8,722 लेक प्रकाशित किए गए हैं। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्री जितेंद्र सिंह पुरस्कार समारोह की अध्यक्षता करेंगे और इसे लॉन्च करेंगे। बयान में कहा गया है कि पेंशनभोगियों का पोर्टल, पेंशनभोगियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एकल खिड़की है। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी, यदि आवश्यक हो, उचित अनुलग्नकों के साथ पोर्टल पर स्वेच्छा से 5,000 शब्दों तक का एक लेख प्रस्तुत करते हैं। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी 20 परिभाषित क्षेत्रों में से किसी पर भी लेख जमा कर सकते हैं।
पुरस्कारों में एक पदक, एक प्रमाण पत्र और 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार शामिल है। भारत के प्रधानमंत्री के निर्देश पर डीओपीपीडब्ल्यू ने मार्च 2015 में एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अनुभव लॉन्च किया था। यह सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए उनकी सेवा अवधि के दौरान की गई महत्वपूर्ण उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का एक साधन है। बयान में कहा गया है कि यह उन्हें विभिन्न सरकारी नीतियों की प्रभावशीलता को बढ़ाने में उनके योगदान से संबंधित जानकारी देने का अवसर भी प्रदान करता है। ऐसी परिकल्पना की गई है कि सेवानिवृत्त लोगों द्वारा नोट छोड़ने की यह संस्कृति भविष्य में सुशासन और प्रशासनिक सुधारों की आधारशिला बनेगी।