{"_id":"63a1a781aa766c030848c40b","slug":"union-minister-irani-questions-wef-global-gender-gap-index-assessment-which-ranked-india-at-135th-place","type":"story","status":"publish","title_hn":"WEF Gender Gap Index: केंद्रीय मंत्री ईरानी ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए सवाल, बताया जमीनी हकीकत से परे","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
WEF Gender Gap Index: केंद्रीय मंत्री ईरानी ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर उठाए सवाल, बताया जमीनी हकीकत से परे
Tue, 20 Dec 2022 05:46 PM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गांधीनगर
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 20 Dec 2022 05:46 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित सेमिनार में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता से जुड़े सवाल पर कहा कि भारत ने जिस तरह वैश्विक भुखमरी सूचकांक को चुनौती दी है। उसी तरह ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स को भी चुनौती देने का समय आ गया है।
विज्ञापन
smriti irani
- फोटो : ANI
विस्तार
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने विश्व आर्थिक मंच (WEF) के वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक (Global Gender Gap Index) की मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। इसमें भारत लैंगिक समानता के मामले में 135वें स्थान पर है। गुजरात के गांधीनगर में मंगलवार को ईरानी ने कहा कि डब्ल्यूईएफ का यह सूचकांक जमीनी स्तर पर महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण और वित्तीय समावेशन को ध्यान में रखने में विफल रहा।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय में आयोजित सेमिनार में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता से जुड़े सवाल पर कहा कि भारत ने जिस तरह वैश्विक भुखमरी सूचकांक को चुनौती दी है, उसी तरह ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स को भी चुनौती देने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि यह मूल्यांकन पश्चिमी मानकों के आधार पर किया गया है।
विज्ञापन
राजनीतिक सशक्तिकरण को नजरअंदाज करने का आरोप
उन्होंने कहा कि जब राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में उपलब्धि की बात आती है, तो सूचकांक उन महिलाओं को नजरअंदाज कर देता है जो पंचायतों और नगर पालिकाओं में जिला पंचायत अध्यक्ष, सरपंच, महापौर और पार्षद के रूप में सेवा करती हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि अगर उन महिलाओं को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाए जो भारत की राजनीतिक व्यवस्था में काम कर रही हैं, तो इस सूचकांक में हमारी रैंकिंग काफी अच्छी होगी। पश्चिमी देशों में जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था नहीं है, इसलिए वे भारत को अपने मानकों के आधार पर मापना चाहेंगे।
वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक में 135वें स्थान पर भारत
बता दें, जुलाई 2022 में जारी डब्ल्यूईएफ की वैश्विक लैंगिक अंतराल सूचकांक रिपोर्ट में, आर्थिक भागीदारी और अवसर के क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन पर पांच स्थानों के सुधार के बावजूद भारत लैंगिक समानता के मामले में 135वें स्थान पर था। जिनेवा में जारी इस वार्षिक जेंडर गैप रिपोर्ट 2022 के मुताबिक, लैंगिक समानता के मामले में आइसलैंड दुनिया में पहले स्थान पर है। इसके बाद फिनलैंड, नॉर्वे, न्यूजीलैंड और स्वीडन का नंबर आता है।