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Space Startups: डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया- कैसे अंतरिक्ष के क्षेत्र में नौ साल में अमेरिका के बराबर आया भारत

Wed, 17 May 2023 09:58 AM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 17 May 2023 09:58 AM IST
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सार
केंद्रीय मंत्री ने कहा, 2014 से पहले इसरो कभी-कभी ही प्रक्षेपण करता था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र के दरवाजे खोलने के बाद आज इसरो लगभग 150 निजी स्टार्टअप्स के साथ काम कर रहा है...
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Union Minister Dr Jitendra Singh said- how India came equal with united states in nine years in Space Startups
Dr Jitendra Singh - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भारत लगातार अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्रगति करता हुआ नजर आ रहा है। बीते सालों में देश ने इतनी प्रगति की है कि भारत अब संयुक्त राज्य अमेरिका के बराबर आकर खड़ा हो गया है। हाल ही एक कार्यक्रम में केंद्रीय केंद्रीय परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में भारत की अंतरिक्ष यात्रा में भारी उछाल देखा गया है। भारत अब संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे उन देशों के बराबर खड़ा है, जिन्होंने हमसे कई वर्ष अथवा दशकों पहले अपनी अंतरिक्ष यात्रा शुरू की थी। हालांकि भारतीय अंतरिक्ष यात्रा बहुत बाद में शुरू हुई, परंतु प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र को विशेष बढ़ावा दिया। स्टार्टअप्स की बढ़ती संख्या के साथ इसे सार्वजनिक निजी भागीदारी के लिए खोल दिया। आज स्थिति यह है कि अमेरिका की नासा जैसी शुरुआती और प्रमुख अंतरिक्ष संस्थान भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के साथ सहयोग कर रही हैं और हमसे विशेषज्ञों की राय भी ले रही हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, 2014 से पहले इसरो कभी-कभी ही प्रक्षेपण करता था। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र के दरवाजे खोलने के बाद आज इसरो लगभग 150 निजी स्टार्टअप्स के साथ काम कर रहा है। हाल ही में आईएसआरओ ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से पीएसएलवी – सी37 पर रिकॉर्ड संख्या में 104 उपग्रह प्रक्षेपित किए, जिनमें से 101 अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के हैं और यह वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग में भारत की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त स्वदेशी मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान भारतीयों को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए लगभग तैयार है। इसके सफल होने पर भारत अंतरिक्ष में मानव भेजने वाला चौथा देश होगा, अन्य तीन देश अमेरिका, रूस और चीन होंगे।

भारत की स्टार्ट-अप क्रांति के बारे में विस्तार से बात करते हुए मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2014 से पहले लगभग 350 स्टार्टअप थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2016 में अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में लाल किला की प्राचीर से आह्वान करने और विशेष स्टार्टअप योजना शुरू करने के बाद 100 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ स्टार्टअप्स की संख्या 90,000 से अधिक हो गई है। भारत के पास विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र भी है और वैश्विक नवाचार सूचकांक 2022 में वह 81वें से 40वें स्थान पर पहुंच गया है। इसी तरह 2014 से पहले, भारत की जैव-अर्थव्यवस्था का मूल्य 10 अरब (बिलियन) डॉलर था। अब यह 80 अरब डॉलर से अधिक है। जैवप्रौद्योगिकी (बायोटेक) स्टार्ट-अप्स पिछले 8 वर्षों में 2014 में कुल 52 से बढ़कर 2022 में 5300 से अधिक हो गए हैं।

कृषि प्रौद्योगिकी (एग्री टेक) स्टार्ट-अप्स के बारे में चर्चा करते हुए मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2014 से पहले अरोमा मिशन या बैंगनी क्रांति के बारे में कोई नहीं जानता था। लेकिन आज लैवेंडर की खेती ने एग्री टेक स्टार्टअप्स को बड़ा उछाल दिया है। इसी तरह 2014 से पहले भारत में सुरक्षात्मक स्वास्थ्य देखरेख (प्रिवेंटिव हेल्थ केयर की अवधारणा (कॉन्सेप्ट) नहीं थी, लेकिन आज उसी भारत को विश्व के वैक्सीन हब के रूप में पहचाना जा रहा है। 2014 से पहले, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के कार्यादेश (मैंडेट) को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया था। लेकिन गहरे महासागर मिशन के अंतर्गत समुद्रयान परियोजना के माध्यम से भारत अब हिंद महासागर के विशाल संसाधनों का पता लगाने के लिए तैयार है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्टार्ट-अप आंदोलन को बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित किया और उद्योग जगत से तेजी से बढ़ते इस क्षेत्र में समान हितधारक बनने का आग्रह किया। मंत्री महोदय ने सभी के लिए लाभकारी प्रस्ताव के लिए स्टार्ट-अप, अनुसंधान, शिक्षा और उद्योग के एकीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने नवोदित स्टार्ट-अप उद्यमियों को सलाह दी कि वे सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), कंप्यूटर और संचार क्षेत्रों से परे सबसे अनछुए और सबसे समृद्ध कृषि क्षेत्र को भी देखें, जो हरित क्रांति के बाद एक बड़ी तकनीकी क्रांति की प्रतीक्षा कर रहा है। कृषि-प्रौद्योगिकी स्टार्टअप को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है क्योंकि भारतीय जनसंख्या का 54 प्रतिशत सीधे कृषि पर निर्भर है और यह सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 20 प्रतिशत है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, पिछले 9 वर्ष में सरकार का ध्यान रोजगार सृजन और हमारे युवाओं की क्षमता के निर्माण पर रहा है। लोगों के लिए की जा रही कड़ी मेहनत से भारत के नेतृत्व में विश्वास पैदा हुआ है। इस नई कार्यप्रणाली और हमारी राजनीति की एक नई संस्कृति का हमारे देश के नागरिकों ने समर्थन किया है और उन्होंने सरकार में अपना विश्वास जताया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2023 में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, भारत ने लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल वेव ऑब्जर्वेटरी, भारत अंतरिक्ष नीति (इंडिया स्पेस पालिसी) 2023 और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन बनाने जैसी कुछ महत्वपूर्ण पहले करके देश को क्वांटम प्रौद्योगिकी रखने वाले देशों के कुलीन क्लब का हिस्सा बना दिया है।

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