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उत्तराखंड के चमोली में बनी कृत्रिम झील को लेकर केंद्रीय गृह सचिव ने जाने हालात
Mon, 22 Feb 2021 10:31 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 22 Feb 2021 10:31 PM IST
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केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
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केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने के बाद बनी कृत्रिम झील की स्थिति की सोमवार को समीक्षा की। गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक बैठक में भल्ला ने जल के प्रवाह को और बढ़ाने के साथ कुछ अवरोधकों को हटाने से जुड़े काम की समीक्षा की।
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बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े उत्तराखंड के मुख्य सचिव ने बताया कि विभिन्न वैज्ञानिक एजेंसियों की ओर से स्थल पर कृत्रिम झील के संबंध में विश्लेषण और उपग्रह से मिले डाटा के आधार पर पता चला है कि फिलहाल वहां कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां अभी जलस्तर अनुमान से कम है और यह पानी पुरानी धारा से बह रहा है।
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केंद्रीय गृह सचिव ने अस्थाई अवरोधक के कारण बनी स्थिति के अनुरूप जरूरत पड़ने पर तथा राज्य सरकार को केंद्रीय एजेंसियों से मदद जारी रखने का आश्वासन दिया। बता दें कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के सचिव और राज्य सरकार को केंद्र और राज्य की एजेंसियों के साथ लगातार हालात की निगरानी करने को कहा गया है।
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बैठक में आईटीबीपी के डीजी, एनडीएमए के सदस्य सचिव, एनडीआरएफ के डीजी, डीआरडीओ के अध्यक्ष, ऊर्जा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, आईडीएस मुख्यालय के अधिकारी और विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों के वैज्ञानिकों समेत केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। उत्तराखंड में सात फरवरी को ग्लेशियर टूटने से आई विकराल बाढ़ के बाद कम से कम 68 लोगों की मौत हो गई है जबकि 140 लोग अब भी लापता हैं।