{"_id":"5e56fcf78ebc3ef3d154f174","slug":"union-cabinet-approved-order-to-put-central-laws-in-concurrent-list-for-jammu-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्रीय कानूनों को समवर्ती सूची में रखने के आदेश को मंजूरी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
जम्मू-कश्मीर के लिए केंद्रीय कानूनों को समवर्ती सूची में रखने के आदेश को मंजूरी
Thu, 27 Feb 2020 04:49 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Thu, 27 Feb 2020 04:49 AM IST
सार
संसद ने पिछले साल अगस्त में जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को खत्म कर दिया था और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभक्त किया था। ये दोनों राज्य 31 अक्तूबर 2019 से अस्तित्व में आए।
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्रीय कैबिनेट ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में लागू करने के लिए 37 केंद्रीय कानूनों को समवर्ती सूची में शामिल करने के आदेश को मंजूरी दे दी। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बुधवार को कैबिनेट बैठक के बाद दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की धारा 96 के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय कानूनों के समवर्ती आदेश को जारी करने को स्वीकृति दी है।
विज्ञापन
पिछले साल अगस्त में संसद ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को खत्म कर दिया था और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभक्त किया था। ये दोनों राज्य 31 अक्तूबर 2019 से अस्तित्व में आए। 31 अक्तूबर, 2019 से पूर्व जम्मू-कश्मीर को छोड़कर अन्य सभी राज्यों में सभी केंद्रीय कानून लागू होते थे लेकिन 31 अक्तूबर 2019 के बाद अब सभी केंद्रीय कानून यहां भी लागू हो गए हैं।
विज्ञापन
जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 की धारा 96 के अंतर्गत केंद्र सरकार के पास कानूनों को आवश्यकतानुसार ढालने और उनमें संशोधन करने का अधिकार है, इन्हें केंद्रशासित प्रदेशों के संदर्भ में निर्धारित तिथि से एक वर्ष की अवधि के पूर्ण होने से पूर्व किसी भी कानून को अपनाने की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से या तो आवश्यक या व्यावहारिक अथवा निरस्त या संशोधित किया जा सकता है।
विज्ञापन