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Budget 2024: रेल मंत्री ने आम यात्रियों और युवाओं को दी ये बड़ी खुशखबरी, 39000 रेलवे जॉब का लेकर बना ये प्लान!
Wed, 24 Jul 2024 02:38 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 24 Jul 2024 02:38 PM IST
सार
सरकार ने रेलवे को मजबूत बनाने और नई सुविधाएं लाने के लिए सरकार ने 2,62,200 करोड़ रुपये कैपेक्स के तौर पर दिए हैं। ग्रॉस बजटरी सपोर्ट 2,52,200 करोड़ रुपये है। यह रकम 2023-24 के बजट में 2.40 लाख करोड़ रुपये थी।
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भारतीय रेलवे।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार 3.0 का बजट पेश किया जा चुका है। ये बजट भारतीय रेलवे के लिए ज्यादा खुशी और यात्रियों के लिए थोड़ा गम लेकर आया है। इसी बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आम यात्रियों और युवाओं को एक खुशखबरी दी है। रेल मंत्री का कहना है कि,रेलवे द्वारा ढाई हजार नॉन एसी कोच बनाए जा रहे हैं। अगले तीन सालों में दस हजार और एक्स्ट्रा नॉन एसी कोच बनाए जाएंगे। इसका फायदा मिडिल क्लास और कम आय वालों को मिलेगा। साथ ही रेलवे जॉब का एनुअल कैलेंडर बन गया है। उसके आधार पर ही रेलवे नौकरियां दे रहा है। इस वर्ष करीब 39,000 रेलवे जॉब दी जाएंगी।
इस बार केंद्रीय बजट में रेल मंत्रालय के लिए ऐतिहासिक राशि का आवंटन हुआ है। बजट में रेलवे को 2 लाख 62 करोड़ रुपए मिले है। जबकि दूसरी तरफ बजट से आम यात्रियों को निराशा मिली है। आम यात्रियों को उम्मीद थी कि इस बजट से यात्री सुविधाओं को लेकर कई एलान होंगे। साथ ही वेटिंग लिस्ट खत्म करने को लेकर भी अहम कदम उठाए जाएंगे। लेकिन यात्रियों को बजट से निराशा हाथ लगी है। हालांकि सरकार ने रेलवे को मजबूत बनाने और नई सुविधाएं लाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट दिया। सरकार ने रेलवे को मजबूत बनाने और नई सुविधाएं लाने के लिए सरकार ने 2,62,200 करोड़ रुपये कैपेक्स के तौर पर दिए हैं। ग्रॉस बजटरी सपोर्ट 2,52,200 करोड़ रुपये है। यह रकम 2023-24 के बजट में 2.40 लाख करोड़ रुपये थी।
सरकार का लक्ष्य है कि अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी ज्यादा से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाएं। बजट का बड़ा हिस्सा सेफ्टी के लिए जाएगा। 1,08,000 करोड़ से पुराने ट्रैक्स, सिग्नलिंग, कवच, रेल के पुल बनाने में लगेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहना है कि, रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और अपग्रेडेशन पर हमारा फोकस होगा। इसमें सुरक्षा पर सबसे बड़ा खर्च किया जाएगा। पांच हजार किलोमीटर लाइन पर कवच सिस्टम लगाने की तैयारी की जाएगी। कोच का अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही वंदे भारत, स्लीपर वंदे भारत जल्द आएगी। भारत में रेलवे का किराया दुनिया में सबसे कम है। उच्च घनत्व नेटवर्क की भीड़ कम करना, देश में लॉजिस्टिक लागत में कमी लाना, यात्री अनुभव और उनकी सुरक्षा को बढ़ाना सरकार के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं।
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रेल मंत्री ने कहा है कि यूपीए के दौरान 411000 रेलवे नौकरियां दी गई , मोदी सरकार ने 20 फीसदी ज्यादा 500000 नौकरियां रेल में दी गई है। बजट 2024-25 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 10 वर्षों के शासन की कड़ी मेहनत और लक्ष्य केंद्रित नजरिये को आगे बढ़ाता है। रेलवे में जॉब का एनुअल कैलेंडर बना है। इस वर्ष करीब 39,000 रेलवे जॉब दी जाएंगी।
आर्थिक सर्वे 2023-24 के मुताबिक, पिछले पांच सालों में रेलवे पर पूंजीगत व्यय में 77 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में जहां यह खर्च 1.48 लाख करोड़ रुपये था, वहीं 2023-24 में बढ़कर 2.62 लाख करोड़ रुपये हो गया है। सर्वे में यह भी बताया गया है कि साल 2023-24 में करीब 673 करोड़ यात्रियों ने ट्रेन में सफर किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 5.2 फीसदी अधिक है। देश के 6,108 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा शुरू की गई है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के डिजिटल अंतर को कम करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा पर खर्च होगी ज्यादा राशि
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, इस आवंटन का एक बड़ा हिस्सा 1,08,795 करोड़ रुपये - सुरक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए है, जैसे पुरानी पटरियों को नए से बदलना, सिग्नल प्रणाली में सुधार और फ्लाईओवर तथा अंडरपास का निर्माण और कवच लगाना है। इन सभी सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में कवच लगाना रेलवे की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। रेलवे मंत्री के अनुसार स्वचालित ट्रेन-सुरक्षा प्रणाली के उन्नत संस्करण कवच 4.0 को हाल में अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन से मंजूरी मिली है।
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इस बार केंद्रीय बजट में रेल मंत्रालय के लिए ऐतिहासिक राशि का आवंटन हुआ है। बजट में रेलवे को 2 लाख 62 करोड़ रुपए मिले है। जबकि दूसरी तरफ बजट से आम यात्रियों को निराशा मिली है। आम यात्रियों को उम्मीद थी कि इस बजट से यात्री सुविधाओं को लेकर कई एलान होंगे। साथ ही वेटिंग लिस्ट खत्म करने को लेकर भी अहम कदम उठाए जाएंगे। लेकिन यात्रियों को बजट से निराशा हाथ लगी है। हालांकि सरकार ने रेलवे को मजबूत बनाने और नई सुविधाएं लाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट दिया। सरकार ने रेलवे को मजबूत बनाने और नई सुविधाएं लाने के लिए सरकार ने 2,62,200 करोड़ रुपये कैपेक्स के तौर पर दिए हैं। ग्रॉस बजटरी सपोर्ट 2,52,200 करोड़ रुपये है। यह रकम 2023-24 के बजट में 2.40 लाख करोड़ रुपये थी।
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सरकार का लक्ष्य है कि अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी ज्यादा से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें चलाई जाएं। बजट का बड़ा हिस्सा सेफ्टी के लिए जाएगा। 1,08,000 करोड़ से पुराने ट्रैक्स, सिग्नलिंग, कवच, रेल के पुल बनाने में लगेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहना है कि, रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और अपग्रेडेशन पर हमारा फोकस होगा। इसमें सुरक्षा पर सबसे बड़ा खर्च किया जाएगा। पांच हजार किलोमीटर लाइन पर कवच सिस्टम लगाने की तैयारी की जाएगी। कोच का अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही वंदे भारत, स्लीपर वंदे भारत जल्द आएगी। भारत में रेलवे का किराया दुनिया में सबसे कम है। उच्च घनत्व नेटवर्क की भीड़ कम करना, देश में लॉजिस्टिक लागत में कमी लाना, यात्री अनुभव और उनकी सुरक्षा को बढ़ाना सरकार के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्र हैं।
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रेल मंत्री ने कहा है कि यूपीए के दौरान 411000 रेलवे नौकरियां दी गई , मोदी सरकार ने 20 फीसदी ज्यादा 500000 नौकरियां रेल में दी गई है। बजट 2024-25 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले 10 वर्षों के शासन की कड़ी मेहनत और लक्ष्य केंद्रित नजरिये को आगे बढ़ाता है। रेलवे में जॉब का एनुअल कैलेंडर बना है। इस वर्ष करीब 39,000 रेलवे जॉब दी जाएंगी।
आर्थिक सर्वे 2023-24 के मुताबिक, पिछले पांच सालों में रेलवे पर पूंजीगत व्यय में 77 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में जहां यह खर्च 1.48 लाख करोड़ रुपये था, वहीं 2023-24 में बढ़कर 2.62 लाख करोड़ रुपये हो गया है। सर्वे में यह भी बताया गया है कि साल 2023-24 में करीब 673 करोड़ यात्रियों ने ट्रेन में सफर किया, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 5.2 फीसदी अधिक है। देश के 6,108 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा शुरू की गई है। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच के डिजिटल अंतर को कम करने में मदद मिलेगी।
सुरक्षा पर खर्च होगी ज्यादा राशि
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, इस आवंटन का एक बड़ा हिस्सा 1,08,795 करोड़ रुपये - सुरक्षा संबंधी गतिविधियों के लिए है, जैसे पुरानी पटरियों को नए से बदलना, सिग्नल प्रणाली में सुधार और फ्लाईओवर तथा अंडरपास का निर्माण और कवच लगाना है। इन सभी सुरक्षा संबंधी गतिविधियों में कवच लगाना रेलवे की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है। रेलवे मंत्री के अनुसार स्वचालित ट्रेन-सुरक्षा प्रणाली के उन्नत संस्करण कवच 4.0 को हाल में अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन से मंजूरी मिली है।