Budget 2020 Highlights: इनकम टैक्स : छूट तभी जब आप रियायतें छोड़ें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में पांच लाख तक इनकम टैक्स की छूट की घोषणा की है। मगर ऐसा बिल्कुल नहीं है कि सीधे तौर पर आपको इसका फायदा मिलने लगेगा। इस छूट को पाने के लिए पेंच समझना होगा। केंद्र सरकार ने करीब 70 तरह की छूट को खत्म करने का फैसला कर लिया है। ऐसे में आपको इनकम टैक्स में छूट तभी मिलेगी जब मिलने वाली आयकर छूटों को छोड़ने का फैसला करेंगे।
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प्रधानमंत्री ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी होगी। इसके लिए 16 एक्शन प्लान बनाए गए हैं। कृषि क्षेत्र के एकीकृत नीति अपनाई गई है।
बजट अर्थव्यवस्था को गति देने का काम करेगा : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि यह अर्थव्यवस्था को गति देने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि इस बजट से देश के प्रत्येक नागरिक को आर्थिक रूप से सशक्त करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत व गति देने का काम करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि रोजगार के प्रमुख क्षेत्र कृषि, इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्सटाइल और रोजगार पर बजट में जोर दिया गया है।एलआईसी के हिस्से बिकने से पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी
गोयल ने कहा कि राहुल गांधी बजट को लेकर बहुत उत्साहित नहीं दिखे, अगर उनके पास कोई मुद्दा-आधारित प्रश्न हैं, तो मैं उनका जवाब दे सकता हूं। उन्होंने कहा कि अगर वह केवल विशेषण का उपयोग करना चाहते हैं, तो मैं 10 गुना बेहतर देख रहा हूं कि टीवी पर विशेषण सकारात्मक हैं।
कॉरपोरेट टैक्स में कटौती, जीएसटी संग्रह से राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद मिलेगी
वित्त मंत्री ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कटौती और नई कंपनियों द्वारा प्राप्त लाभ, साथ ही जीएसटी संग्रह में सुधार से राजस्व उत्पादन में सुधार होगा और विनिवेश में सुधार के साथ अगले साल राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद मिलेगी।
सीतारमण ने कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं कि मेरा बजट के दौरान दिया गया भाषण बहुत लंबा था, लेकिन मुझे युवाओं के रोजगार से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी देनी थी। साथ ही साथ उन्हें फायदा भी पहुंचाना था।
सरकार ने खेल बजट में बढ़ोतरी की
रक्षा बजट में 6 फीसदी की वृद्धि
इस बार रक्षा बजट में करीब छह फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। अब यह 3.37 लाख करोड़ हो गया है। हालांकि पिछले साल यह 3.18 लाख करोड़ रुपये था। रक्षा क्षेत्र में दी जानेवाली पेंशन को जोड़कर यह 4.7 लाख करोड़ हो गया है।भारत के इतिहास का सबसे लंबा भाषण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण आजाद भारत के इतिहास का सबसे लंबा भाषण बन गया। करीब 2 घंटे 40 मिनट तक वित्त मंत्री भाषण पढ़ती रहीं। 2019 में भी देश की पहली वित्त मंत्री सीतारमण ने लंबा बजट भाषण पढ़ा था जो 2 घंटे 17 मिनट तक चला था। इससे पहले यह रिकॉर्ड जसवंत सिंह के नाम था। उन्होंने 2003 में 2 घंटे 15 मिनट तक बजट भाषण पढ़ा था। करीब पौने तीन घंटे लंबे बजट भाषण के आखिर में गला खराब होने की वजह से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आखिरी दो- तीन पृष्ठ नहीं पढ़ पाई और उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति से उसे पढ़ा मानकर सदन के पटल पर रख दिया।70 तरह की छूट खत्म करने का फैसला
राजस्व सचिव अजय भूषण पांडे ने कहा कि हमने सभी तरह की छूट की समीक्षा की और हमें करीब 120 तरह की छूट मिलीं। हमने प्रत्येक की समीक्षा की है। सिस्टम को आसान बनाने के लिए हमने नई प्रणाली से करीब 70 छूटों को खत्म कर दिया है।Revenue Secy Ajay Bhushan Pandey: We took a comprehensive review of all exemptions&found close to 120 exemptions. We took a review of each item. In order to offer a simplified system, now the total exemptions which have been removed from the new system is, about 70. #Budget2020 https://t.co/h4wCRjGvbr pic.twitter.com/qtN3YH25QR
— ANI (@ANI) February 1, 2020
हम लोगों के हाथों में पैसा देना चाहते थे : सीतारमण
बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि हम लोगों के हाथ में पैसा रखना चाहते थे, खासतौर से मध्यम और निम्न मध्यम वर्ग में। इसके अलावा हम कर प्रणाली की जटिलता को भी आसान बनाना चाहते थे।वित्त मंत्री ने कहा कि लोग सुविधा के हिसाब से टैक्स स्लैब चुन सकेंगे। टैक्स प्रणाली को आसान करने पर वह बोलीं कि बिना विशेषज्ञों के भी लोग टैक्स भर सकेंगे।
Finance Minister Nirmala Sitharaman on option of lower income tax rates: We wanted to place money in the hands of the people, particularly the middle class and lower middle classes. We also wanted to simplify income tax process and increase compliance. #Budget2020 pic.twitter.com/kpLyiVhk3O
— ANI (@ANI) February 1, 2020
युवाओं को रोजगार के लिए कोई रणनीतिक विचार नहीं देखा: राहुल गांधी
बजट को लेकर राहुल गांधी ने कहा, 'मुख्य मुद्दा बेरोजगारी है। मैंने ऐसा कोई रणनीतिक विचार नहीं देखा जिससे हमारे युवाओं को रोजगार मिल सके। मैंने सामरिक चीजें देखीं लेकिन इसमें कोई केंद्रीय विचार नहीं था। यह अच्छी तरह से सरकार का वर्णन करता है, बहुत दोहराव है, इसे घुमाना सरकार की मानसिकता है, सभी बात करते हैं, लेकिन कुछ भी नहीं हो रहा है।'Rahul Gandhi on Budget: The main issue facing is unemployment. I didn't see any strategic idea that would help our youth get jobs. I saw tactical stuff but no central idea. It describes govt well, lot of repetition,rambling-it is mindset of govt, all talk, but nothing happening. pic.twitter.com/IJv5LdYJsW
— ANI (@ANI) February 1, 2020