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चिंताजनक: दुनियाभर में 1.5 करोड़ लड़कियों को नहीं मिल रही प्राथमिक शिक्षा, कई जगह तो 48.1% स्कूल ही नहीं जातीं

Fri, 15 Aug 2025 04:40 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 15 Aug 2025 04:40 AM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र की महिला केंद्रित इकाई यूएन वुमेन के मुताबिक, हालिया दशकों में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में लैंगिक समानता की स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन कई क्षेत्रों में असमानता का स्तर काफी चिंताजनक है। यहां तक, कई जगह तो स्कूली जाने से वंचित लड़कियों की संख्या 48.1 प्रतिशत तक है। 

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UN Women new report reveals gender discrimination 15 million girls around world not getting primary education
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

दुनियाभर में मौजूदा समय में स्कूल जाने की उम्र वाली 1.5 करोड़ लड़कियां प्राथमिक शिक्षा पाने से वंचित हैं। यह बात यूएन वुमेन की एक ताजा रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सामाजिक व्यवस्था में गहराई से जड़े जमाएं लैंगिक भेदभाव के कारण लड़कियों और युवतियों के लिए शिक्षा तक समान पहुंच अब भी चुनौती बनी हुई है।

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संयुक्त राष्ट्र की महिला केंद्रित इकाई यूएन वुमेन के मुताबिक, हालिया दशकों में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में लैंगिक समानता की स्थिति में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन कई क्षेत्रों में असमानता का स्तर काफी चिंताजनक है। यहां तक, कई जगह तो स्कूली जाने से वंचित लड़कियों की संख्या 48.1 प्रतिशत तक है। रिपोर्ट के मुताबिक, लड़कियों की स्थिति विशेष तौर पर खराब है लेकिन दुनियाभर में 1.0 करोड़ लड़के भी स्कूली शिक्षा से दूर हैं। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अब पहले से कहीं ज्यादा लड़कियां स्कूल जा रही हैं। शिक्षा ग्रहण करने से कम उम्र में शादी से बचने, रोजगार पाने और बेहतर स्वास्थ्य पाने की संभावनाएं लगातार बढ़ती जाती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि लड़कियों और महिलाओं को अपने जीवन के सभी चरणों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सीखने का समान अधिकार है।
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अफगानिस्तान में 78% महिलाएं शिक्षा, रोजगार से दूर
रिपोर्ट के मुताबिक, 78 प्रतिशत युवा अफगान महिलाएं शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण से दूर हैं, जो युवा पुरुषों की तुलना में लगभग चार गुना अधिक है। वर्ष 2026 तक समय-पूर्व बच्चे पैदा करने की दर में 45 फीसदी की वृद्धि का अनुमान है और मातृ मृत्यु दर 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ सकती है। रिपोर्ट आगे कहती है कि लड़कियों को माध्यमिक शिक्षा से वंचित करने से अफगानिस्तान को हर साल जीडीपी में 2.5 प्रतिशत का नुकसान होगा।


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नामांकन दर बेहतर लेकिन बाद में छूट जाती है पढ़ाई
रिपोर्ट बताती है कि प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में नामांकन की बात करें तो लैंगिक असमानता काफी हद तक दूर हो चुकी है। लेकिन बाद में लड़कों की तुलना में लड़कियों के पढ़ाई छोड़ने की दर ज्यादा है।

  • किशोरावस्था में अक्सर अधिक संख्या में लड़कियों के माध्यमिक स्कूल छोड़ने की वजह कम उम्र में विवाह, समय से पहले गर्भधारण या फिर घरेलू कार्यों में योगदान की जिम्मेदारी होना है।
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